चंडीगढ़ और दिल्ली के कुछ आढ़तियों ने किलो के हिसाब से सेब खरीद करने पर हामी भरी है और कुछ आढ़ती किलो के हिसाब से सेब खरीद भी रहे हैं, लेकिन अगर बाहरी राज्यों में कानून लागू नहीं किया जाएगा तो प्रदेश सरकार कोर्ट का रुख करेगी।
कृषि उपज विपणन समिति (एपीएमसी) एक्ट के तहत प्रदेश के साथ बाहरी राज्यों की मंडियों में भी वजन के हिसाब से सेब खरीद शुरू होनी चाहिए। चंडीगढ़ और दिल्ली के कुछ आढ़तियों ने किलो के हिसाब से सेब खरीद करने पर हामी भरी है और कुछ आढ़ती किलो के हिसाब से सेब खरीद भी रहे हैं, लेकिन अगर बाहरी राज्यों में कानून लागू नहीं किया जाएगा तो प्रदेश सरकार कोर्ट का रुख करेगी। यह बात बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने कही। उन्होंने कहा कि हिमाचल की मंडियों में वजन के हिसाब से सेब की बिक्री को प्रभावी तौर पर शुरू कर दिया है।
विज्ञापन
यह व्यवस्था लागू होने के बाद पहली बार बागवानों को किलो के हिसाब से सेब के रिकार्ड रेट मिल रहे हैं। 15 अगस्त के बाद भी बागवानों का सेब 150 रुपये किलो तक बिक रहा है। बागवानों के हित में सरकार ने किलो के हिसाब से सेब बिक्री की व्यवस्था को सख्ती से लागू करने के लिए उपमंडलाधिकारियों की कमेटियां गठित की हैं ताकि कानून का पालन न करने वालों पर कार्रवाई की जा सके। सीजन की शुरूआत में कुछ आढ़ती आनाकानी कर रहे थे लेकिन सरकार की सख्ती के बाद अब प्रदेश की हर मंडी में सेब किलो के हिसाब से ही बिक रहा है। आने वाले दिनों में भी गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सरकार कानूनी शिकंजा कसने से पीछे नहीं हटेगी।
चार आढ़तियों का पलायन, पिंजौर में शुरू किया काम
शिमला की भट्ठाकुफर मंडी के तीन और ठियोग की पराला मंडी के एक आढ़ती ने पलायन कर हरियाणा की पिंजौंर मंडी में कारोबार शुरू कर दिया है। पिंजौर मंडी में 14 आढ़ती काम कर रहे हैं जिनमें 4 हिमाचल के हैं। पलायन करने वाले आढ़तियों का कहना है कि प्रदेश में नए कानून लागू होने से असुविधा होने के कारण प्रदेश से बाहर जाकर कारोबार करना पड़ रहा है।