वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत जनजातीय क्षेत्रों में गांवों का विकास किया जाएगा। शनिवार को जनजातीय विकास विभाग की समीक्षा बैठक के बाद जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने यह जानकारी दी।
जनजातीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत हिमाचल प्रदेश में 857 करोड़ खर्च होंगे। वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत जनजातीय क्षेत्रों में गांवों का विकास किया जाएगा। शनिवार को जनजातीय विकास विभाग की समीक्षा बैठक के बाद जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में चार एकलव्य मॉडल आवासीय स्कूल प्रदेश के जनजातीय विद्यार्थियों को निशुल्क शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। वर्ष 2023-24 में इन स्कूलों में 24,794 छात्र दाखिल हुए हैं। प्रधानमंत्री वन धन विकास कार्य के तहत प्रदेश में चलाए जा रहे चार वन धन विकास केन्द्रों के माध्यम से जनजातीय लोगों को प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग कर आजीविका प्रदान की जा रही है।
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बैठक में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में अनुसूचित जाति तथा जनजाति के लिए प्री-एक्जामिनेशन कोचिंग सेन्टर के निदेशक प्रो. जोगिंद्र सिंह धीमान ने जनजातीय विकास मंत्री को विद्यार्थियों को प्रदान की जा रही सुविधाओं से अवगत करवाया। जगत सिंह नेगी ने कहा कि जनजातीय लोगों की सुविधा के लिए नूरपुर तथा रामपुर में जनजातीय भवनों का निर्माण भी किया जा रहा है। इस अवसर पर संयुक्त सचिव जनजातीय विकास डॉ. विक्रम सिंह नेगी, संयुक्त निदेशक जनजातीय विकास कैलाश चौहान, कुलसचिव हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय डॉ. वीरेन्द्र शर्मा के अतिरिक्त अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।