आईटीबीपी जवान की पत्नी ने दो बच्चों को जहर देने के बाद खुद जहर खा लिया। रौंगटे खड़े कर देने वाली इस घटना में मां और बेटी की मौके पर ही मौत हो गई है। जबकि छह साल का बेटा अस्पताल में उपचाराधीन है। मामला हिमाचल के सिरमौर जिले के पांवटा साहिब की समीपवर्ती बद्रीपुर पंचायत की चुड़ेश्वर कालोनी का है। महिला का पति इन दिनों लेह-लद्दाख में तैनात बताया जा रहा है।
मौके से पुलिस ने जहर की पुड़िया भी बरामद की है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी सौम्या सांबशिवन, डीएसपी भीष्म ठाकुर और एसएचओ अशोक चौहान खुद मौके पर पहुंचे। पुलिस के अनुसार महिला बीमार बताई जा रही है। फिर भी विभिन्न पहलुओं को मद्देनजर रखते हुए जांच की जा रही है।
महिला व बेटी ने मौके पर ही दम तोड़ा
बद्रीपुर पंचायत प्रधान रामलाल शर्मा ने कहा कि कोलर निवासी आईटीबीपी जवान वीरेंद्र सिंह का परिवार पांवटा की बद्रीपुर पंचायत के चूड़ेश्वर कॉलोनी में रहता है। जवान इन दिनों लेह लद्दाख में तैनात बताया जा रहा है। कॉलोनी में संतोष कुमारी (30) पत्नी वीरेंद्र सिंह, बेटी वैष्णवी व बेटा कार्तिक(6) रहता है।
शनिवार को महिला ने दोनों बच्चों समेत खुद जहर खा लिया। इसका पता तब चला जब लड़खड़ाता हुआ कार्तिक बाहर बरामदे में पहुंचा। उसने पड़ोसियों को जहर खाने की बात कही। जिसके बाद पुलिस को सूचित किया गया। पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन तब तक
महिला व बेटी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था। एंबुलेंस से 6 वर्षीय कार्तिक को अस्पताल पहुंचाया गया। सिविल अस्पताल पांवटा में प्राथमिक उपचार के बाद नाहन रेफर कर दिया है। पुलिस के अनुसार मौके से कोई भी सुसाइड नोट नहीं मिला है।
पति से मोबाइल पर सुबह की थी अंतिम बार बात
केवल इतना पता चला है कि सुबह ही महिला ने अपने पति से मोबाइल पर बात की थी। मायके व ससुराल वालों से एसपी सौम्या ने खुद बात की है। एसपी सौम्या सांबशिवन के अनुसार महिला के पिता और ससुर दोनों से उन्होंने बात की है। दोनों का कहना है कि वह बीमार चल रही थी।
आईटीबीपी के जवान की पत्नी संतोष कुमारी व बेटी वैष्णवी के शव को कब्जे में ले लिया गया है। बेटा कार्तिक (6) को प्राथमिक उपचार के बाद नाहन रेफर किया गया है। पुलिस जांच टीम इस मामले की गहनता से तफ्तीश में जुट गई है। आईटीबीपी जवान के आने के बाद आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।