राजधानी शिमला में सॉफ्टवेयर टेक्नालॉजी पार्क जल्द खुलेगा। इसे मैहली में आईटी विभाग के कार्यालय के साथ उपलब्ध जमीन पर खोला जा रहा है। इसमें विभिन्न कंपनियों के सॉफ्टवेयर विशेषज्ञ बैठेंगे। ये लोगों की सॉफ्टवेयर से जुड़ी समस्याएं हल करेंगे। राज्य के युवाओं को भी रोजगार के अवसर मिलेंगे।
ऐसा ही पार्क कांगड़ा में भी खोला जा है। इसे भी शीघ्र स्वीकृति मिलेगी। हिमाचल सरकार के प्रधान सचिव सूचना एवं प्रौद्योगिकी जेसी शर्मा ने कहा कि इस एमओयू पर वीडियो कांफ्रेंसिंग से हस्ताक्षर होंगे। इसे पांच जून की कैबिनेट बैठक में भी मंजूरी दी गई थी। पार्क को बनाने का खर्च केंद्र उठा रहा है।
हिमाचल सरकार को जमीन देनी है। इस प्रस्ताव पर पहले चरण में शिमला के मैहली में ढाई बीघा जमीन पर सॉफ्टवेयर टेक्नालॉजी पार्क बनाया जा रहा हैै। इसके मद्देनजर सरकार ने एमओयू का ड्राफ्ट तैयार किया है। इसे सॉफ्टवेयर टेक्नालॉजी पार्क ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) को भेजा गया है।
सॉफ्टवेयर टेक्नालॉजी पार्क खुलने से राज्य के सैकड़ों सूचना प्रौद्योगिकी प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार दिया जाएगा। कांगड़ा जिले में सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने गगल एयरपोर्ट के निकट भूमि तलाशने का कार्य शुरू कर दिया है। जमीन मिलने के बाद गगल में भी सॉफ्टवेयर टेक्नालॉजी पार्क खोला जाएगा। राज्य सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के कार्यालय के निकट मैहली में इसी साल के अंत तक पार्क बन जाएगा।