वहीं, रामलाल ठाकुर ने कहा कि सरकार के पास वर्तमान में सिर्फ एक डॉक्टर है जिसने ट्रेनिंग के दो साल पूरे किए हैं और एक साल अभी भी बचा है। ऐसे में बिना काबिल डॉक्टरों के सरकार गुर्दा प्रत्यर्पण शुरू करने की घोषित तिथि 31 मार्च की मियाद को बढ़ा दें ताकि मरीजों की जान से खिलवाड़ न हो।
हालांकि, इसके बाद भी स्वास्थ्य मंत्री इस सवाल में उलझे रहे कि ट्रेनिंग पूरी किए बिना ऑपरेशन को लेकर सरकार क्या करेगी। विधायक और मंत्री के बीच गतिरोध बढ़ता देख विधानसभा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने दखल देते हुए विवाद खत्म कराते हुए अगला प्रश्न शुरू कर दिया।
प्रदेश सरकार सरकारी अस्पतालोें की सुरक्षा व सफाई के लिए बड़ा कदम उठाने पर विचार कर रही है। पच्छाद से विधायक सुरेश कश्यप के सवाल के जवाब में स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार ने कहा कि सरकार अस्पतालों में आउटसोर्स के आधार पर सुरक्षाकर्मियों की तैनाती करेगी।
कहा कि इसके साथ ही यह व्यवस्था 50 बेड वाले अस्पतालों और धीरे धीरे पीएचसी तक पहुंचाने पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में सफाई भी बेहद जरूरी है, इसलिए इस पर भी विचार किया जा रहा है कि आउटसोर्स आधार पर सफाई कर्मियों को भी तैनात किया जाए।