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खुलासा! लीकेज में बर्बाद हो रहा है इतने करोड़ लीटर पानी

Fri, 07 Oct 2016 08:26 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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शिमला शहर में गिरी परियोजना से आधे से भी कम पानी पहुंच रहा है। गिरी से रोजाना दो करोड़ लीटर पानी उठाया जा रहा है लेकिन शहर तक केवल 80 लाख लीटर पानी ही आ रहा है। 1 करोड़ 20 लाख लीटर पानी रास्ते में लीकेज में बर्बाद हो रहा है। इस बात का खुलासा आईपीएच और नगर निगम की वीरवार को हुई बैठक में हुआ। आईपीएच ने नगर  निगम को आश्वस्त किया कि लीकेज बंद करने का करीब 70 फीसदी काम पूरा हो चुका है। 
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आईपीएच का लक्ष्य 20 अक्तूबर तक सौ फीसदी काम पूरा करने का है। गिरी से पूरा पानी मिलने पर शहर में जल संकट नहीं रहेगा। नगर निगम के तहत आने वाले ऐसे इलाके जो अब तक सीवरेज कनेक्टिविटी से नहीं जुड़े हैं उन्हें जल्द कनेक्ट करने के लिए भी निर्देश दिए गए हैं। इनमें टूटू और पंथाघाटी के तहत आने वाले मकान सबसे अधिक हैं। 

इन इलाकों में पीलिया फैलने का खतरा भी सबसे अधिक रहता है। शहर में व्यक्ति जितना पानी इस्तेमाल कर रहा है उतना ही वह बिल चुकाए इसके लिए पानी के मीटरों को जल्द लगाने का फैसला लिया गया है। मीटरों के लग जाने के बाद आम जनता को औसत बिल देने से छुटकारा मिल जाएगा। नगर निगम की यह बैठक आईपीएच के अधीक्षण अभियंता और अन्य अधिकारियों के साथ हुई। 
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आठ साल बाद भी नहीं मुआवजा

गिरी परियोजना से प्रभावित लोगों को अब तक मुआवजा नहीं मिला है। केवल एक व्यक्ति को मुआवजा मिला है। पानी की लाइन से कुछ परिवार प्रभावित हो रहे हैं पानी की लीकेज से उनकी घासनियां बर्बाद हो रही है। कई बार प्रभावितों ने आईपीएच को इस बारे में अवगत करवाया लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। 

ऐसे करीब बारह तेरह परिवार है इन्हें भी बैठक में बुलाया गया था। इनकी समस्या को सुना और संबंधित विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि इस परियोजना से इनकी कितनी जमीन प्रभावित हो रही है इसका पूरा रिकार्ड जल्द दें ताकि प्रभावितों शीघ्र मुआवजा राशि दी जाए। 

नगर निगम के उप महापौर टिकेंद्र पंवर ने कहा कि प्रभावित परिवारों को साल 2008 से अब तक कोई मुआवजा नहीं दिया गया यह हैरत की बात है केवल एक व्यक्ति को मुआवजा मिला है। 

यह मामला जब उनके ध्यान में आया तो प्रभावित परिवारों को भी बैठक में बुलाया गया था। इन्हें इनका हक शीघ्र देने का अब प्रयास किया गया है। गिरी परियोजना की लीकेज करीब 70 फीसदी ठीक हो गई है। 20 अक्तूबर तक सौ फीसदी ठीक करने का लक्ष्य रखा गया है। 
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