लेकिन, 11 नवंबर को जब सेल डीड के आधार पर हंसराज के नाम पर जमीन का इंतकाल किया गया तो वह दो खसरा नंबर पर कर दिया गया। इस दोषपूर्ण इंतकाल का जमाबंदी में इंद्राज किया गया। महिला ने आरोप लगाया कि वर्ष 2010 में मुहाल डलहौजी खास में 6.20 हेक्टेयर भूमि की कीमत 52 लाख 80 हजार 87 रुपये बनती थी। इस पर दो लाख 64 हजार 5 रुपये स्टांप डयूटी लगनी थी। बताया कि हंसराज खुद डलहौजी में डीड राइटर का कार्य करता है।
आरोप है कि उसने अजय कुमार महाजन निवासी मकान नंबर 272 रेनुका मंदिर गार्डन कालाेनी मिशन रोड पठानकोट, अवतार सिंह निवासी गांव व डाकघर बैली, उस समय के पटवारी वर्तमान में कार्यालय कानूनगो राजेश कुमार, तत्कालीन कानूनगो कैलाश चंद, तत्कालीन तहसीलदार वर्तमान में एसडीएम डलहौजी के साथ मिलकर जानबूझकर अवैध तरीके से इंतकाल करके स्टांप ड्यूटी पर एक लाख 56 हजार 505 रुपये की राजस्व हानि व हंसराज को अनुचित लाभ पहुंचाया है। इसके तहत सभी पर धारा 420, 467, 468, 471,120बी आईपीसी के तहत सदर थाना चंबा में दर्ज करवाया गया है। एसडीएम डलहौजी ने बताया कि जांच में उनका पूरा सहयोग रहेगा। विजिलेंस ब्यूरो की डीआईजी अंजुम आरा ने बताया कि महिला की शिकायत के आधार पर जांच करने के बाद पुलिस में मामला दर्ज करवाया गया है। विजिलेंस ब्यूरो के एएसपी अभिमन्यु वर्मा ने बताया कि शिकायत के आधार पर पुलिस में मामला दर्ज करवाया है।