हेमराज के पिता बेली राम और माता रोशनी देवी दूध बेचकर आठ वर्षीय पोते ध्रुव को सरकारी स्कूल में पढ़ा रहे हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है।
दशकों पुराने स्लेटपोश मकान की ऊपरी मंजिल पर परिवार के सदस्य रहते हैं और पशुओं को नीचे की मंजिल में बांधते हैं। वहीं, खेतीबाड़ी भी महज नाम की है।
आईआरडीपी से भी कट गया नाम
हेमराज अपने परिवार को गरीबी से उभारने के लिए विदेश गया था। जब वह विदेश गया तो परिवार आईआरडीपी में था। कुछ माह तक जब विदेश से हेमराज पैसा भेजता रहा तो परिवार का आईआरडीपी से नाम कट गया।
जून 2014 में हेमराज के लापता होने की सूचना मिली तो परिवार की हालत बदतर होने लगी। आज न तो परिवार आईआरडीपी में है, न ही आय का मजबूत साधन है।
सांसद अनुराग ने उठाया था मामला
सितंबर 2016 में परिवार से मिली जानकारी के बाद सांसद अनुराग ठाकुर ने विदेश मंत्रालय में हिमाचल से चार लोगों के इराक में लापता होने का मामला उठाया था। तब परिवार को आस जगी थी कि जल्द ही हेमराज का पता चल जाएगा।