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आईपीएच मंत्री ने सचिवालय में अफसरों को लगाई फटकार

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राजधानी शिमला में पीलिया फैलने के बाद आखिरकार सचिवालय में बैठने वाली सरकार भी जाग गई। हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद हरकत में आई सरकार की सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री विद्या स्टोक्स मंगलवार दोपहर को पूरे प्रशासनिक अमले के साथ अश्वनी खड्ड पंपिंग हाउस और कैचमैंट एरिया में पहुंची।
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मंगलवार को दोपहर ढाई बजे से लेकर पौने चार बजे तक मंत्री ने अफसरों से एक-एक जानकारी जुटाई। वहीं आईपीएच मंत्री विद्या स्टोक्स ने मंगलवार दोपहर को विभागीय अफसरों को सचिवालय में बुलाकर फटकार लगाई। कहा कि पेयजल योजनाओं में सफाई के हर मानक का ध्यान रखा जाए। पंप हाउसों में फिल्टर नियमित तौर पर साफ होने चाहिए।

अश्वनी खड्ड में मिले सीवरेज के पानी को प्रत्यक्ष देखा और हैरानी जताई। इसके बाद मंत्री ने फौरन अश्वनी खड्ड के मुख्य पानी के स्रोत से मल्याणा सीवरेज प्लांट के पानी की सप्लाई का कनेक्शन काटने के आदेश दिए। कहा अश्वनी खड्ड से करीब साढ़े तीन किलोमीटर दूर स्थित कोटी नाला और वरंडी नाला से अब सीधे पानी उठाया जाएगा।
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सोलन भेजा जाएगा सीवरेज का पानी

इन दोनों नालों का पानी साफ है। इस योजना को पूरा करने के लिए छह माह की समय सीमा दी गई। करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये का इस काम के लिए खर्च आएगा। दोनों नालों से नगर निगम को तीन से पांच एमएलडी पानी की सर्प्लाई मिलेगी। नई व्यवस्था होने तक अश्वनी खड्ड से पानी की पंपिंग नहीं करने का फैसला भी लिया गया है।

अब अश्वनी खड्ड से सीवरेज के पानी को सीधे सोलन भेजने की तैयारी है। तर्क दिया जा रहा है कि अश्वनी खड्ड से करीब 15 किलोमीटर का सफर तय कर सीवरेज के पानी को सोलन पहुंचाया जाएगा। इस सफर के दौरान पानी की गुणात्मकता में सुधार आएगा। बहता पानी कई कारकों से साफ हो जाता है। इस पानी के सोलन पहुंचने से वहां भी पानी की किल्लत दूर होगी।

नगर निगम के मेयर संजय चौहान, डिप्टी मेयर टिकेंद्र पंवर, आयुक्त पंकज राय, ईएनसी आईपीएच आरके कंवर, चीफ इंजीनियर केसी धीमान, संयुक्त आयुक्त विधि जोगेंद्र चौहान, निगम अभियंता विजय गुप्ता, मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डा. सोनम नेगी, अधिशासी अभियंता विनोद कुमार, राजेश कश्यप सहित आईपीएच, स्वास्थ्य और नगर निगम के कई अफसर मौजूद रहे।

नई पाइपें बिछाने के दिए हैं आदेश

शहरवासियों को पीने के लिए साफ पानी मुहैया करवाने के लिए सरकार प्रयासरत है। अश्वनी खड्ड के लिए कोटी और वरंडी नाला से पानी उठाया जाएगा। छह माह में साढ़े तीन करोड़ से काम पूरा किया जाएगा। नई पाइपें बिछाने के आदेश दे दिए गए हैं। -विद्या स्टोक्स, आईपीएच मंत्री

विभागीय अफसरों, कर्मचारियों को पूरी सतर्कता बरतने के आदेश दिए हैं। एक क्षण की भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मंत्री के आदेशानुसार नई योजना तैयार की जाएगी। अश्वनी से साफ पानी की सप्लाई करेंगे। -पीसी धीमान, अतिरिक्त मुख्य सचिव आईपीएच

मंत्री के सामने की पानी की जांच

अश्वनी खड्ड पंपिंग हाउस में पहुंची मंत्री विद्या स्टोक्स के सामने विभागीय कर्मियों ने मंगलवार को पानी की जांच की। मंत्री को बताया कि किस तरह पीएच और क्लोरीन टेस्ट होते हैं। दूषित पानी को कैसे पहचाना जाता है।

जगह-जगह से सैंपल भरने के आदेश- अतिरिक्त मुख्य सचिव पीसी धीमान ने अश्वनी खड्ड के मुख्य पानी स्रोत, आउट टैंक, कसुम्पटी टैंक और लोगों के घरों से भी पानी के सैंपल दोबारा भरने के आदेश दिए। नगर निगम, आईपीएच और स्वास्थ्य महकमे को सैंपल भरने को कहा गया।

मेयर-ईएनसी ने दी एक-दूसरे को सलाह- आईपीएच के ईएनसी आरके तंवर ने मेयर संजय चौहान को सलाह देते हुए कहा कि अगर नगर निगम पानी की पाइपों की लीकेज और अफसरों के घरों की टंकियों की ओवर फ्लो समस्या को दूर कर देते हैं तो पानी की काफी किल्लत दूर हो जाएगी।

इस पर मेयर ने तपाक से जवाब देते हुए कहा अगर आप गिरि पेयजल योजना को क्षमता के अनुसार ही चला दें तो भी पानी की समस्या नहीं रहेगी।

जांच के लिए अब पूने नहीं भेजे जाएंगे पानी के सैंपल

हेपेटाइटिस वायरस की जांच के लिए सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग अश्वनी खड्ड परियोजना के पानी के सैंपल पूने नहीं भेजेगा। आईपीएच ने अश्वनी खड्ड के पानी की जांच पूने स्थित लैबोरेटरी में करवाने से इंकार कर दिया है। आईपीएच का दावा है कि वाटर सप्लाई मैनुअल में प्रेसक्राइब टेस्ट विभाग पहले ही करवा रहा है। हालांकि विभाग के अधिकारियों ने अथॉरिटी विशेष के निर्देशों पर अश्वनी खड्ड के नमूनों की जांच की बात कही है।

अश्वनी खड्ड परियोजना के पानी की जांच पूने स्थित लैब से करवाने को लेकर नगर निगम और सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग आमने सामने आ गए हैं। नगर निगम महापौर संजय चौहान ने कहा है कि जब तक पूने लैब की रिपोर्ट नहीं आ जाती तब तक शहर के लोगों को अश्वनी का पानी सप्लाई नहीं किया जाएगा।

नगर निगम का तर्क है कि प्रदेश में ऐसी कोई लैबोरेटरी नहीं है जिसमें हेपेटाइटिस वायरस की जांच होती हो इसलिए आईपीएच से पानी के सैंपलों की जांच पूने लैबोरेटरी से करवाने की मांग की गई है। जब तक पूने लैबोरेटरी से जांच रिपोर्ट नहीं आ जाती शहर में अश्वनी खड्ड के पानी की सप्लाई नहीं की जाएगी।
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कोई अथॉरिटी कहेगी तब करवाएंगे जांच

वाटर सप्लाई मैनुअल के आधार पर अश्वनी खड्ड परियोजना के पानी के सैंपलों की जांच करवाई जा रही है। अगर कोई आथारिटी कहेगी तो सैंपलों की जांच पूने में करवाएंगे। -आरके कंवर इंजीनियर इन चीफ, आईपीएच

तो क्या एमसी नहीं है अथॉरिटी- सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों का कहना है कि पानी के सैंपलों की जांच पूने लैबोरेटरी में तभी करवाई जाएगी जब कोई अथारिटी ऐसा करने के लिए कहेगी।

शहर में पानी की सप्लाई का जिम्मा नगर निगम का है। नगर निगम आईपीएच को पानी के सैंपल पूने लैबोरेटरी में जांचने के लिए कह रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या आईपीएच नगर निगम को अथारिटी नहीं समझता।
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