हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के सराजघाटी की रहने वाली गीता वर्मा को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने 2018 में कलेंडर गर्ल के रूप में चुना था। गीता ने हिमाचल की सराज घाटी के दुर्गम इलाकों में जाकर अनुसूचित जनजातियों के बच्चों को खसरा और रूबेला के टीके लगाए। इस दौरान कई मुश्किलों का सामना भी करना पड़ा, लेकिन गीता के कदम पीछे नहीं हटे। सोशल मीडिया पर लोगों ने गीता के इस साहसिक काम की खूब तारीफें की। बाद में स्वास्थ्य संगठन के 2018 के कलेंडर गर्ल के रूप में गीता की तस्वीर को चुना। वह अभी भी जरूरत पड़ने पर पहाड़ी सर्लीली सड़कों पर बाइक दौड़ाते हुए टीकाकरण को अंजाम दे रही हैं। ख्याति मिलने के बाद वह उसी जज्बे के साथ जुटी हैं। जिस जज्बे से वह पहले जुटी थी।
बर्फबारी में पैदल चल पहुंचाई कोरोना वैक्सीन, केंद्र ने थपथपाई पीठ
वहीं, मंडी जिले की सराज घाटी की फीमेल हेल्थ वर्कर डीडर गांव की देव दासी ने विंटर क्लोजिंग स्कूल नारायणगढ़ में छह किलोमीटर बर्फबारी में पैदल चलकर 42 बच्चों को कोरोना वैक्सीन पहुंचाई और लगाई। इनका वीडियो सोशल मीडिया में जमकर शेयर हुआ। मामला उच्चधिकारियों तक पहुंचा तो उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग को यह वीडियो भेजा। जिसे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया और सीएम जयराम ठाकुर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से शेयर किया है और उनका हौसला बढ़ाते हुए पीठ थपथपाई। देव दासी बालीचौकी तहसील के झमाच गांव से है और आजकल डिडर उप स्वास्थ्य केंद्र में बतौर फीमेल हेल्थ वर्कर के रूप में अपनी सेवाएं दे रही है।