प्रदेश में नए देवरथों के निर्माण को लेकर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के साथ पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह ने भी विरोध किया है। इस बात को हर बार दशहरा उत्सव के मंच से मुख्यमंत्री कहते रहे हैं। दशहरा में नए देवरथों को नहीं लाने की भी जनता से अपील की है, लेकिन इसका कोई भी असर नहीं दिख रहा है।
सर्कुलर रोड बनने से भी घटी जगह
शहर में नए सर्कुलर सड़क के निर्माण से लगभग एक दर्जन देवी-देवताओं की जगह छिन गई है। उन्हें दूसरी जगह पर बिठाना पड़ रहा है। ऐसे में नए देवी-देवताओं को बिठाना एक चुनौती हो गया है।
एक देवता को तीन तंबुओं की जरूरत
दशहरा में आने वाले एक देवी देवताओं को रहने के लिए कम से कम तीन तंबुओं की जरूरत पड़ती है। एक में देवरथ रहता है, दूसरे में बजंतरी और तीसरे में कारकून तथा देवलु शामिल होते हैं।
हाथी लाना है तो दरवाजे ऊंचे करने होंगे। प्रशासन से मांग है कि वह जल्द कारदारों की बैठक बुलाएं। दशहरा में देवताओं को बुलाना अच्छी बात है। उनके ठहरने व रहने की व्यवस्था को लेकर प्रशासन को सोचना होगा। - महेश्वर सिंह, मुख्य छड़ीबरदार भगवान रघुनाथ