देवता ने उपायुक्त को बाहर आने का इशारा किया। इस पर कर्मचारियों ने बताया कि उपायुक्त कार्यालय में नहीं हैं। लेकिन देवता नहीं माने। देवता करीब 10 मिनट तक कार्यालय के बाहर डटे रहे। इसके बाद देवता रघुनाथ के अस्थायी शिविर की ओर रवाना हुए।
देवता वीरनाथ डमचीण के कारदार कृष्ण चंद ने कहा कि देवता के अस्थायी शिविर वाली जगह एक अन्य देवता के देवलुओं पर कब्जा किया गया है जिससे देवता को शिविर में आने-जाने व वीरनाथ के देवलुओं को परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि देवता ने साफ तौर पर कहा है कि उन्हें जगह वापस चाहिए अन्यथा इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।