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पर्यटन पर विदेशी फार्मूला अपनाएगी सरकार, होगी अंतरराष्ट्रीय ईको टूरिज्म कार्यशाला

Mon, 21 May 2018 12:57 PM IST
कमलेश रतन भारद्वाज, अमर उजाला, मंडी
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देश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार विदेशों का फार्मूला अपनाएगी। इसकी कवायद शुरू हो गई है। 12-13 जून को पर्यटन नगरी मनाली में अंतरराष्ट्रीय ईको टूरिज्म कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। इसमें भारत के तमाम राज्यों के अलावा यूके, यूएसए, साउथ अफ्रीका, नेपाल और भूटान सहित अन्य देश भी भाग लेंगे।

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अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला में बतौर मुख्यातिथि केंद्रीय पर्यटन मंत्री केजे अल्फांस होंगे। इसमें ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने पर चर्चा की जाएगी। तमाम देशों के डेलीगेट पर्यटन पर अपने विचार साझा करेंगे और पर्यटन को कैसे बढ़ाया जा सकता है, इस पर भी राय रखेंगे।

उधर हिमाचल सरकार के वन विभाग ने ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार को 500 करोड़ रुपये की प्रपोजल भेजी है। मंजूरी मिलने पर प्रदेश में 30 ईको टूरिज्म सर्किट विकसित किए जाएंगे। इसमें एडवेंचर पर्यटन को विकसित करने पर जोर दिया जाएगा।
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अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला में सिर्फ हिमाचल ही नहीं बल्कि हर राज्य के लिए ईको टूरिज्म का रोड मैप तैयार किया जाएगा। इसमें नेचर और एडवेंजर पर्यटन पर फोकस किया जाएगा। प्रथम चरण में हिमाचल में ईको टूरिज्म की अपार संभावनाओं को देखते हुए इसे यहां पर लागू करने की केंद्र सरकार ने योजना बनाई है।

हिमाचल में चिहिन्त 30 ईको सर्किट को तीन श्रेणियों में विकसित किया जाएगा। इसमें वाटर एंड मॉशचर कंजरवेशन ईको सर्किट, बॉयोडाइबरसिटी कंजरवेशन ईको सर्किट, नेचर ट्रेल ईको सर्किट शामिल हैं। हर श्रेणी में प्राकृतिक पर्यटन को विकसित करने पर फोकस किया जाएगा।

ईको टूरिज्म सोसायटी ऑफ हिमाचल प्रदेश के मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजय सूद ने कहा कि ईको पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रयास तेज कर दिए गए हैं। मनाली में अंतरराष्ट्रीय ईको टूरिज्म वर्कशाप का आयोजन 12 व 13 जून को किया जाएगा। केंद्रीय पर्यटन मंत्री अल्फांस अध्यक्षता करेंगे और इसमें विदेशों के डेलीगेट भी भाग लेंगे।

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