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Shimla News: इंश्योरेंस कंपनी को 3.47 लाख रुपये मुआवजा देने के आदेश

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आयोग के अध्यक्ष डॉ. बलदेव ने सुनाया फैसला
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साल 2018 में छैला में सड़क हादसे में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था वाहन उत्पीड़न और अदालती खर्च के देने होंगे 50 हजार रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। जिला उपभोक्ता निवारण आयोग के अध्यक्ष डॉ. बलदेव सिंह ने वाहन मालिक को मुआवजा देने का फैसला सुनाया है। आयोग ने रॉयल सुंदरम इंश्योरेंस कंपनी को शिकायत की तिथि से वसूली तक नौ प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से ब्याज सहित 3,47,906 रुपये का भुगतान करने के आदेश दिए हैं।
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उत्पीड़न और अदालती खर्च के रूप में 50 हजार रुपये भी देने होंगे। साथ ही शिकायतकर्ता को निर्देश दिया है कि वह वाहन का स्क्रैप और पंजीकरण प्रमाणपत्र (आरसी) विपक्षी पक्ष को सौंप दें। तहसील ठियोग निवासी शिकायतकर्ता संजय कुमार ने न्यू दिल्ली स्थित रॉयल सुंदरम इंश्योरेंस कंपनी (बीमाकर्ता) से एक वाहन (सेलेरियो) का 4,61,010 रुपये की राशि पर बीमा करवाया था। 25 जुलाई 2018 को वाहन छैला के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में रमेश, राजेंद्र सिंह और मोहन की मौत हो गई। मामले की सूचना पुलिस के साथ बीमा कंपनी को दी गई थी। इसके बाद कंपनी के सर्वेक्षक ने घटनास्थल में संबंधित वाहन का निरीक्षण कर 3.38 लाख (आईडीवी वैल्यू) की क्षति का आकलन किया। कंपनी ने शिकायतकर्ता से क्लेम के निपटारे के लिए आरसी सहित कुछ दस्तावेज देने को कहा लेकिन शिकायतकर्ता आरसी नहीं दे सका क्योंकि वाहन एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक लिमिटेड के पास हाइपोथेक (ऋण) पर था। शिकायतकर्ता ने कंपनी को आश्वासन दिया था कि जब उसे फाइनेंस करने वाले से एनओसी मिल जाएगी तो वह आरसी दे देगा लेकिन कंपनी ने तीन साल तक दावा नहीं सुलझाया। इससे परेशान होकर जून 2022 में शिकायतकर्ता ने जिला आयोग में शिकायत दायर की थी। आयोग ने संजय की अपील को स्वीकार करते हुए बीमा कंपनी को अब 45 दिन के भीतर 3,47,906 रुपये आईडीवी (बीमाकृत घोषित मूल्य) के रूप में देने का आदेश दिए हैं। यदि शिकायतकर्ता स्क्रैप और रद्द आरसी विपक्षी को जमा नहीं करता है, तो उपरोक्त राशि से 28,000 रुपये घटा दिए जाएंगे।
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