दुर्घटनाग्रस्त वाहन की बीमा राशि अदा नहीं करने पर नेशनल इंश्योरेंस कंपनी को 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग शिमला ने बीमा कंपनी को 6.99 लाख रुपये नौ फीसदी ब्याज सहित अदा करने के दिए आदेश दिए हैं। इसके अलावा कंपनी को 15 हजार रुपये मुकदमेबाजी के भी अदा करने होंगे।आयोग ने कोटखाई के सुरेंद्र चौहान की शिकायत को स्वीकार करते हुए यह आदेश पारित किए। शिकायतकर्ता ने आयोग को बताया कि उसने दिसंबर 2016 में नई गाड़ी खरीदी थी। शिकायतकर्ता ने गाड़ी का बीमा नेशनल इंश्योरेंस कंपनी से करवाया था। उसके वाहन का वैध बीमा 30 नवंबर 2016 से 29 नवंबर 2017 तक था। 20 नवंबर 2017 को शिकायतकर्ता की गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी।
उस समय गाड़ी की बीमा राशि सात लाख रुपये थी। आयोग को बताया गया कि दुर्घटना के समय बीमा नीति के अनुसार सभी दस्तावेज सही थे। इस दुर्घटना की जानकारी बीमा कंपनी को दी गई। बीमा कंपनी ने सर्वेक्षण करवाया, लेकिन बीमा राशि देने से इंकार कर दिया। बीमा कंपनी ने आयोग को बताया कि दुर्घटना के समय चालक शराब के नशे में था। आयोग ने अपने निर्णय में कहा कि चालक पर शराब के नशे का आरोप लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के मुताबिक खून का परीक्षण किया जाना था। बीमा कंपनी बीमा राशि अदा न करने के लिए इस तरह की दलीलें पेश नहीं कर सकती है। आयोग ने बीमा कंपनी की दलीलों को ठुकराते हुए शिकायत को स्वीकार किया है।