डाइट की पहल की सराहना, बोले-जिज्ञासा विज्ञान सीखने की पहली सीढ़ी
पिछले वर्ष प्रदेश के करीब 1200 विद्यार्थियों ने किया रोबोटिक्स, ड्रोन और वीआर लैब का भ्रमण
भावी शिक्षकों से कहा, बच्चों में सवाल पूछने और प्रयोग करने की आदत विकसित करें
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने बुधवार को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) जुखाला का निरीक्षण किया। उन्होंने संस्थान में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, नवाचार को बढ़ावा देने और विद्यार्थियों को विज्ञान एवं तकनीक से जोड़ने के लिए संचालित विभिन्न गतिविधियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने डाइट की रोबोटिक्स एवं ड्रोन लैब, साइंस सेंटर और वीआर लैब का निरीक्षण कर वहां प्रदर्शित तकनीकी एवं वैज्ञानिक मॉडलों में विशेष रुचि दिखाई।
निरीक्षण की शुरुआत रोबोटिक्स एवं ड्रोन लैब से हुई। उपायुक्त ने लैब में प्रदर्शित विभिन्न तकनीकी मॉडलों और रोबोटिक्स एवं ड्रोन से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने इनके शैक्षणिक उपयोग को समझा और विद्यार्थियों को तकनीक आधारित सीखने के अवसर उपलब्ध करवाने की पहल की सराहना की। इसके बाद उन्होंने साइंस सेंटर और वीआर लैब का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने विभिन्न कार्यशील मॉडलों के माध्यम से विज्ञान के सिद्धांतों को समझाने के प्रयासों को देखा। उन्होंने कहा कि गतिविधि आधारित और प्रयोगात्मक शिक्षा से विद्यार्थियों के लिए कठिन विषय भी रोचक और आसानी से समझने योग्य बनते हैं।
उपायुक्त ने इस बात पर प्रसन्नता जताई कि पिछले वर्ष प्रदेश के विभिन्न जिलों से करीब 1200 विद्यार्थियों ने डाइट की रोबोटिक्स एवं ड्रोन लैब, साइंस सेंटर और वीआर लैब का भ्रमण किया। उन्होंने कहा कि ऐसे शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, जिज्ञासा और नवाचार की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने अधिक से अधिक विद्यार्थियों को इन सुविधाओं से जोड़ने के निर्देश दिए। उपायुक्त राहुल कुमार ने कहा कि जिज्ञासा विज्ञान सीखने की पहली सीढ़ी है। बच्चों में प्रश्न पूछने, प्रयोग करने और नई चीजों को जानने की प्रवृत्ति विकसित करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित रखने के बजाय विद्यार्थियों को प्रयोगात्मक, गतिविधि आधारित और अनुभवात्मक सीखने के अवसर दिए जाने चाहिए। उपायुक्त ने डाइट के प्रशिक्षुओं से संवाद कर उनके प्रशिक्षण अनुभव, शैक्षणिक गतिविधियों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी ली। उन्होंने भावी शिक्षकों से कहा कि शिक्षक का दायित्व केवल पाठ्यक्रम पूरा करना नहीं है, बल्कि बच्चों में सवाल पूछने, सोचने, प्रयोग करने और नई चीजें जानने की जिज्ञासा पैदा करना भी है। उन्होंने प्रशिक्षुओं से डाइट में सीखे ज्ञान, तकनीक और नवाचारों को विद्यालयों तक ले जाने का आह्वान किया, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर और आधुनिक सीखने के अवसर मिल सकें। उपायुक्त ने उप निदेशक स्कूल शिक्षा गुणवत्ता एवं जिला परियोजना अधिकारी निशा गुप्ता की ओर से जिले में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए किए जा रहे विभिन्न इंटरवेंशन की विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने निपुण भारत मिशन, प्राथमिक विद्यालयों में वंडर बॉक्स एवं जादुई पिटारा, पुस्तकालय पुस्तकों का वितरण, समावेशी शिक्षा, सीडब्ल्यूएसएन विद्यार्थियों के लिए प्रयास, विज्ञान एवं नवाचार, रोबोटिक्स एवं ड्रोन तथा शिक्षक प्रशिक्षण जैसी गतिविधियों को सराहा। डाइट के प्रधानाचार्य राकेश मनकोटिया ने उपायुक्त को प्री-प्राइमरी शिक्षा, शिक्षक प्रशिक्षण, व्यावसायिक शिक्षा, समावेशी शिक्षा और निपुण भारत समेत संस्थान की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। राहुल कुमार ने साइंस सेंटर के डोम भवन का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं और प्रस्तावित गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने डाइट हॉस्टल और संस्थान के भवन का भी जायजा लिया। इस दौरान प्रशिक्षुओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। उपायुक्त ने प्रशिक्षुओं की प्रतिभा और प्रस्तुति की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर मीडिया समन्वयक दिग्विजय मल्होत्रा, कुलदीप चंद, अतुल शर्मा, नरवीर चंदेल, चंद्रकांत भारद्वाज, डॉ. नीलम, रीता कुमारी, सतीश कुमार सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।