उम्र के सौ बसंत देख चुके देश के पहले मतदाता श्याम सरण नेगी आज के नेताओं में वो ईमानदारी नहीं देखते जो उन्हें पहले के नेताओं में नजर आती थी। वे कहते हैं पहले के राजनेताओं में अपने कार्यों और घोषणाओं के प्रति ईमानदारी, सहनशीलता और जिम्मेदारी का भाव होता था। आज के दौर में उन्हें ऐसा नहीं दिखाई देता।
नेगी कहते हैं भाग दौड़ के इस दौर में शायद लोगों को समय के साथ ही तेजी से दौड़ना पड़ रहा है। आज के राजनेता भी इसी भाग दौड़ में बदल गए हैं। राजनेताओं में धैर्य की कमी है। अमर उजाला से बातचीत में नेगी ने कहा कि इस बार भी यदि भगवान की कृपा से स्वास्थ्य ठीक रहा तो विधानसभा चुनाव में वे निश्चित रूप से मतदान करेंगे।
अच्छे उम्मीदवार को जिताना सबकी जिम्मेदारी है। काबिल सरकार बनाने में उनका योगदान भी होना ही चाहिए। नेगी ने कहा कि सरकार चलाने के लिए अच्छे लोगों के हाथों में कमान से ही देश का विकास होता है। यदि जनता सरकार में नालायक लोगों को चुनकर भेजेगी तो विकास के सारे सपने टूटकर बिखर जाएंगे।