हिमाचल के तीन निर्दलीय विधायकों को फिलहाल हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है। निर्दलियों की याचिका पर हाईकोर्ट की डबल बेंच ने बुधवार को अपना फैसला सुनाया। तीन निर्दलीय विधायकों के इस्तीफे के मामले में दोनों जजों में सहमति नहीं बनी। दोनों के अलग-अलग मत होने की वजह से अब इस मामले को तीसरे न्यायाधीश सुनेंगे।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में बुधवार को मुख्य संसदीय सचिव (सीपीएस) मामले में सरकार की ओर से नियुक्त राज्यसभा सांसद व सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तनखा ने बहस की। गुरुवार को सरकार की ओर से नियुक्त सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता दुष्यंत दवे अदालत में बहस करेंगे। अदालत ने पिछली सुनवाई में सीपीएस दर्जे के मामले को लगातार 22 से 24 अप्रैल तक सुना था। सरकार ने अदालत से गुहार लगाई थी कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के दो वरिष्ठ अधिवक्ताओं को नियुक्त किया गया है, जो इस मामले में बहस करेंगे। अधिवक्ताओं की व्यस्तता होने की वजह से सरकार तब अपना पक्ष नहीं रख सकी थी।