शिमला। राजधानी में स्मार्ट सिटी के पैसों की बंदरबांट जारी है। नगर निगम ने अब स्मार्ट सिटी के पैसों से जो नया प्रस्ताव तैयार किया है उस पर मंजूरी से पहले ही घमासान मच गया है। नगर निगम ने मेयर सत्या कौंडल के संजौली वार्ड में 30.14 लाख रुपये से सार्वजनिक शौचालय बनाने का प्रस्ताव बनाया है।
यह शौचालय संजौली कॉलेज के पास ढली बाईपास पर बनना है। सोमवार को नगर निगम की वित्त संविदा एवं योजना समिति की बैठक में इसे मंजूरी के लिए रखा जाना है। बैठक के एजेंडे में इस प्रस्ताव के शामिल होने की भनक लगते ही भाजपा पार्षदों में सियासत शुरू हो गई। पार्षदों का कहना है कि उनके वार्ड के कामों के लिए नगर निगम के पास पैसा नहीं है, साथ ही स्मार्ट सिटी से भी काम नहीं करवा रहे, लेकिन मेयर के वार्ड में करोड़ों के प्रोजेक्ट हो रहे हैं।
अब 30 लाख से शौचालय बनवा रहे हैं। इतने पैसों में तो शिमला में दो बीएचके का घर मिल जाता है। पार्षदों का कहना है कि दो चार लाख में बनने वाले शौचालय पर आखिर इतना पैसा क्यों फूंका जा रहा है। कब तक जनता के पैसों की बरबादी करते रहेंगे। इंजनघर से भाजपा पार्षद आरती चौहान का कहना है कि उनके वार्ड में दक्षिण विहार इलाके में कई भवनों को भूस्खलन का खतरा है। लेकिन निगम रिटेनिंग वॉल लगाकर इन्हें बचाने का काम पूरा नहीं कर रहा। एक साल से इस काम के लिए चक्कर काट रहे हैं। उधर, एक शौचालय पर 30 लाख खर्चने का प्रस्ताव है।
एक वार्ड में काम, बाकी पूरे शहर से भेदभाव
भाजपा पार्षद संजीव ठाकुर का कहना है कि स्मार्ट सिटी का ज्यादातर पैसा संजौली की ओर खर्च हो रहा है। शहर के ज्यादातर वार्डों से भेदभाव किया जा रहा है। अभी तक संजौली में स्मार्ट फुटपाथ के नाम पर करोड़ों रुपया बहाया जा रहा था, अब 30 लाख से शौचालय बन रहा है। पार्षद सुनील धर का कहना है कि स्मार्ट सिटी के पैसों का सत्यनाश हो रहा है। एक शौचालय पर इतना पैसा खर्चना कहां तक सही है। उधर, निगम प्रशासन का कहना है कि शौचालय के साथ एक स्टोर का भी प्रावधान किया गया है। अब देखना होगा कि सोमवार को होने वाली बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है या नहीं।
घर नहीं, लोगों के लिए बना रही शौचालय: मेयर
मेयर सत्या कौंडल ने कहा कि यह शौचालय उनके घर के लिए नहीं बन रहा। अपर शिमला से आने जाने वाले हजारों लोग संजौली कॉलेज के पास रुकते हैं। लेकिन यहां शौचालय तक नहीं। इसीलिए लोगों की सुविधा के लिए यह प्रस्ताव बनाया है। कहा कि उन्होंने कभी किसी के प्रस्तावों पर सवाल नहीं उठाए। किसी वार्ड से भेदभाव नहीं किया है।