सात सालों में इतनी बढ़ गई तस्करी
पुलिस विभाग के आंकड़ों की बात करें, तो वर्ष 2016 में प्रदेशभर में विभिन्न मामलों में महज 634.654 ग्राम चिट्टा बरामद किया था। सात सालों में तस्करी इतनी बढ़ गई कि वर्ष 2023 में पुलिस ने 14.705 किलोग्राम चिट्टा/हेराेईन की बरामद की। नशे की जब्ती में वर्ष 2016 के मुकाबले वर्ष 2023 में 20 गुना से अधिक दर्ज की गई। इस नशे की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करोड़ों में आंकी गई है। पुलिस के दर्ज मामलों से पता चलता है कि प्रदेश में सबसे अधिक नशे की तस्करी पंजाब से हो रही है।
उत्तर प्रदेश के तस्करों को भी किया गिरफ्तार
इसके अलावा हरियाणा, दिल्ली और कई मामलों में पुलिस ने उत्तर प्रदेश के तस्करों को भी गिरफ्तार किया है। नशे के साथ गिरफ्तार आरोपियों से मिली सूचना के आधार पर पुलिस चिट्टा तस्करी के मुख्य सरगनाओं को पकड़ने के लिए दूसरे राज्यों में भी दबिश देती है, लेकिन उनके खिलाफ बड़ी कामयाबी नहीं मिल पाई है। यह वजह है कि चिट्टा तस्करी का यह नेटवर्क सालों से फलफूल रहा है। यह नशा इतना खतरनाक है कि आए दिन नशे की ओवरडोज से युवाओं की जान जा रही है।
नशा तस्करों के खिलाफ शिमला पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। पिछले दो सालों में शिमला जिला चिट्टा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करने में अव्वल रहा है। इससे नशा तस्करी में भी कमी दर्ज की गई है। पुलिस आम लोगों की मदद से नशे के नेटवर्क को खत्म करने का अभियान चला रही है। इसको लेकर लगातार नशा तस्करों को पकड़कर सलाखों के पीछे पहुंचाया जा रहा है। -संजीव कुमार गांधी, एसपी, शिमला
सूबे में वाहनों की होगी जांच पकड़े जाएंगे नशीले पदार्थ
हिमाचल में नशीले पदार्थों की तस्करी, ओवर लोडिंग, खतरनाक तरीके से माल ढुलाई और अवैध रूप से यात्रियों के संचालन पर और सख्ती होगी। पुलिस सोमवार से अभियान चलाएगी। इस अभियान को लेकर पुलिस मुख्यालय ने सभी पुलिस जिला को दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। यह भी स्पष्ट किया गया है कि सभी जिला को हर रोज सुबह 10 बजे तक कार्रवाई की रिपोर्ट टीटीआर मुख्यालय को देनी होगी। ओवर लोडिंग के साथ नशीले पदार्थों की धर-पकड़ के लिए भी यह कदम उठाया गया है। पुलिस मुख्यालय से सभी जिला पुलिस अधीक्षकों और राजकीय रेलवे पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि अभियान को लागू करने के लिए ठोस रणनीति बनाएं। इस अभियान के तहत बैरियर पर नाके लगेंगे।
अतिरिक्त पुलिस बल तैनात होगा
हिमाचल की सीमाओं पर भी कार्रवाई करने को अतिरिक्त पुलिस बल तैनात होगा। नियमित क्षेत्र में गश्त कर उल्लंघन कर्ताओं पर कार्रवाई होगी। पुलिस महानिदेशक अतुल वर्मा की अध्यक्षता में सड़क सुरक्षा मुद्दों पर मासिक बैठक आयोजित हुई थी। इसमें पुलिस महानिदेशक ने सड़क सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाने को कहा था। इसी कड़ी में सोमवार से आगामी 2 दिसंबर तक पूरे राज्य में 15 दिवसीय विशेष अभियान चलाया जाएगा। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात, पर्यटक और रेलवे नरवीर सिंह राठौर ने बताया कि इस तरह के विशेष अभियान पुलिस विभाग की सड़क सुरक्षा और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता को दोहराता है। उन्होंने वाहन चालकों से आग्रह किया कि सड़क सुरक्षा मानकों का पालन करें तथा पुलिस के प्रयासों में सहयोग करें।