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Rewalsar Lake: एक दशक में रिवालसर झील की आधी रह गई गहराई, सर्वे में खुलासा, पढ़ें रोचक जानकारी

यादवेंद्र शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, रिवालसर (मंडी) Published by: Krishan Singh Updated Thu, 22 Sep 2022 10:26 AM IST

सार

 प्रसिद्ध रिवालसर झील का अस्तित्व संकट में है। बौद्ध, हिंदू और सिख समुदाय की धार्मिक त्रिवेणी कहे जाने वाली इस झील की सुंदरता देश-विदेश के पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करने में कोई कसर नहीं छोड़ती।
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रिवालसर झील - फोटो : संवाद


इसलिए प्रसिद्ध है रिवालसर

झील के किनारों में बौद्ध मठ, लोमस ऋषि का मंदिर और गुरु गोविंद सिंह गुरुद्वारा है। कहा जाता है कि कि महान शिक्षक और विद्वान पद्मसंभव ने रिवालसर से तिब्बत के लिए उड़ान भरी और वहीं से दुनिया में बौद्ध धर्म का प्रचार किया। पूरे विश्व के बौद्ध अनुयायी पद्मसंभव की कर्मस्थली रिवालसर  के दीदार को यहां पहुंचते हैं। मान्यता है कि ऋषि लोमस ने भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए तपस्या की है। गुरुद्वारा रिवालसर साहिब दसवें गुरु गोबिंद सिंह से जुड़ा है, जो पहाड़ी राजाओं को मुगलों के खिलाफ अपनी लड़ाई में एकजुट के लिए मंडी पहुंचे और रिवालसर उनका ठिकाना रहा। सभी धर्म के लोग बैसाखी पर पवित्र स्नान के लिए रिवालसर  आते हैं। 


कभी 80 फीट थी गहराई 

83 वर्षीय भूप सिंह और हवानी के मोहन लाल बताते हैं कि अपने पूर्वजों से सुना है कि प्राचीन समय में इस झील का कोई माप नहीं था यानी इसका तल नहीं था। झील की गहराई मापने के लिए लोग एक साल तक रस्सी बनाते रहे और वह झील में डूबती रही, मगर इसकी गहराई का कोई माप नहीं लग पाया। जब वह छोटे थे तो जब भी झील की गहराई मापी जाती तो 80 फीट के करीब निकलती। 


कब-कब हुए सर्वेक्षण

नगर पंचायत अध्यक्ष सुलोचना देवी, पूर्व अध्यक्ष बंसीलाल ठाकुर, डेवलपमेंट एक्शन ग्रुप के एमडी नरेश कुमार, प्रधान अजय कुमार ने बताया कि 2012-13 में किए गए झील के सर्वेक्षण के मुताबिक भूवैज्ञानिकों ने इसकी गहराई मापी तो यह से 30 फीट थी। 2016 में केंद्रीय विवि के वैज्ञानिकों ने इसकी गहराई को मापा तब यह 22 फीट रह गई थी। अब 2022 में यह मात्र 15 फीट रह गई है।


रिवालसर झील के संरक्षण के लिए सरकार और प्रशासन संजीदा है। हाल ही में समिति की बैठक में गंभीरता से इन मुद्दों पर मंथन हुआ है। झील के अस्तित्व को बचाकर इसकी सुंदरता को बढ़ाया जाएगा। 

स्मृतिका नेगी, एसडीएम बल्ह एवं रिवालसर झील विकास समिति अध्यक्ष

 
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