शिमला घूमने आने वाले देश-विदेश के हजारों पर्यटक पर्यटन सीजन में जनजातीय क्षेत्र किन्नौर का रुख करते हैं। इसी तरह धर्मशाला घूमने आने वाले पर्यटक चंबा के दुर्गम क्षेत्रों में प्रकृति का आनंद उठाने जाते हैं। सड़क मार्ग से पर्यटकों को अधिक समय लगता है, लेकिन वे कम समय में अधिक पर्यटक स्थलों में घूमना चाहते हैं। सरकार का मानना है कि चंबा और किन्नौर के लिए हेलिकाप्टर सेवा शुरू की जाती है तो इससे पर्यटन का बढ़ावा मिलेगा और साथ ही स्थानीय लोगों को जरूरत पड़ने पर हवाई सेवा भी मिल सकेगी।
हिमाचल सरकार ने डीजीसीए से शिमला-किन्नौर और धर्मशाला-चंबा के लिए हेलिकाप्टर सेवा शुरू करने की मंजूरी मांगी है। इन क्षेत्रों के लिए हेलिकाप्टर सेवा आरंभ होने से पर्यटन के विस्तार के साथ स्थानीय लोगों को भी लाभ मिलेगा। -रविंद्र शर्मा, अतिरिक्त निदेशक, राज्य पर्यटन विभाग
दिल्ली-शिमला हवाई उड़ान सुबह 7.10 बजे मिलेगी
वहीं, दिल्ली से 26 सितंबर से दिल्ली-शिमला हवाई उड़ान सुबह 7:10 बजे मिलेगी। इसके बाद शिमला-दिल्ली बवई उड़ान सुबह 8:50 बजे मिल पाएगी। यह हवाई उड़न सप्ताह भर होगी और दिल्ली से यात्री 15 किलो तक सामान के साथ यात्रा कर सकेंगे। पर्यटन विभाग के अतिरिक्त निदेशक रविंद्र शर्मा ने कहा कि पहले फरवरी 2020 तक यात्री अपने साथ सिर्फ 20 किलो सामान के साथ ही इस रूट पर हवाई यात्रा कर सकते थे। इस विमान में सबसे पहले बुकिंग कराने वाले 24 यात्रियों को उपदान के बाद प्रति टिकट 2,480 रुपये किराया देना है। इसके अलावा शेष 24 सीटों का किराया 5,000 रुपये तक रहेगा। रूट में चलने वाला एटीआर विमान दिल्ली से 48 यात्री लेकर आएगा। जबकि लौटते समय 24 सीटें भरकर जाएगा। उनका कहना है कि जुब्बड़हट्टी से विमान पूरी क्षमता के साथ उड़ान नहीं भर पाएगा।