पाकिस्तान में सत्ता की दहलीज तक पहुंचे क्रिकेटर से राजनेता बने इमरान खान ने वर्ष 2016 में पाक क्रिकेट टीम को धर्मशाला में भारत के साथ मैच नहीं खेलने की नसीहत दी थी। धर्मशाला में 19 मार्च को भारत और पाकिस्तान टी-20 वर्ल्ड कप का मैच आयोजित होना था। इस दौरान इमरान ने बयान जारी कर कहा था कि वह हिमाचल के मुख्यमंत्री के बयान से निराश हैं।
इमरान ने कहा था ‘हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री का बयान गैरजिम्मेदाराना था। यह पूरी तरह से मेहमाननवाजी और मेजबानी के मापदंडों के खिलाफ है। मुख्यमंत्री का बयान साफ तौर पर घृणा को बढ़ावा देता है। इस स्थिति के बीच मुझे नहीं लगता कि पाकिस्तान टीम को धर्मशाला में भारत के खिलाफ 19 मार्च को होने वाले वर्ल्ड कप टी-20 मैच में नहीं खेलना चाहिए।’
वीरभद्र ने सुरक्षा देने में जताई थी असमर्थता वर्ष 2016 में हिमाचल के सीएम वीरभद्र ने कांगड़ा के शहीदों के परिवारों और पूर्व सैनिकों की आपत्ति को देखते हुए भारत और पाकिस्तान के बीच मैच के लिए सुरक्षा मुहैया कराने में असमर्थता जताई थी। उनका मानना था कि पाकिस्तान की मेजबानी उन सैनिकों का अपमान है जिन्होंने जनवरी में पठानकोट एयरबेस पर आतंकी हमले में अपनी जान गंवाई थी।