मुख्यमंत्री कार्यालय में सैकड़ों अहम फाइलें महीने भर से फं सी पड़ी हैं। इस लापरवाही के लिए जिम्मेवार कई अफसर आगामी दिनों में नप सकते हैं। ये अधिकारी जयराम सरकार के सौ दिन के लक्ष्यों को हासिल करने में बाधा बन रहे हैं।
कुछ अफसरों के इस लेटलतीफ रवैये पर खुफिया नजरें गड़ी हुई हैं कि ये ऐसा क्यों कर रहे हैं। सीएम कार्यालय में लटकी फाइलों से मंत्री भी नाराज हैं। राज्य सचिवालय के सूत्रों की मानें तो महीने भर से विभागीय योजनाओं, तबादलों और नई नियुक्तियों से संबंधित फाइलें मुख्यमंत्री कार्यालय के कुछ अधिकारियों ने अपने टेबल या अलमारियों में जमा कर रखी हैं।
मंत्रियों, विधायकों और भाजपा के नेता बार-बार इन अधिकारियों के पास चक्कर काट रहे हैं, मगर उन्हें ये जवाब दिया जा रहा है कि फाइल सीएम कार्यालय के पास फंसी पड़ी है। सूत्रों की मानें तो कई मंत्री, विधायक और नेता मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से भी शिकायतें कर चुके हैं।
माना जा रहा है कि आरएसएस और भाजपा के कई कार्यकर्ता भी इन अधिकारियों से नकारात्मक जवाब मिलने के कारण दुखी हैं। इस मामले पर सीएम कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी से प्रतिक्रिया जानने के लिए कार्यालय में संपर्क भी किया गया, मगर जवाब मिला कि वे दूसरे अधिकारियों के साथ बैठक में व्यस्त हैं।
वरिष्ठ अधिकारियों को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से बुलाने की तैयारी
केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर चल रहे कुछ काबिल अधिकारियों को हिमाचल बुलाया जा सकता है। सूत्रों की मानें तो सरकारी स्तर पर केंद्र में तैनात अफसरों से इसकी बात चल रही है।
आरएसएस से संबंधित कार्यकर्ता भी ऐसे दो वरिष्ठ आईएएस अफसरों को बुलाकर उन्हें अहम जिम्मेदारियां देने की बात कर रहे हैं, जिससे कार्यकर्ताओं के कामकाज में किसी तरह से रुकावट पैदा न हो।