राजधानी में भवनों की छतों को लाल या हरे रंग से रंगने का नोटिस देने से पहले नगर निगम भवन मालिकों को मौखिक चेतावनी देगा।
जल्द ही नगर निगम के अधिकारी लोअर बाजार का दौरा कर शहरवासियों को आगाह करेंगे। अभी आधे शहर की छतों पर रंग नहीं हुआ है। कई छतों पर काफी साल पहले रंग हुआ है, ऐसे में यह रंग हल्का पड़ गया है।
मुख्य शहर की छतों की हालत जर्जर हो गई है। माल रोड, लोअर बाजार, गंज बाजार, सब्जी मंडी, राम बाजार और ओल्ड बस स्टैंड के पास स्थित कई भवनों की छतों पर तो जंग तक लग गया है। ऐसे में हाईकोर्ट के आदेशों पर शुरू हुई नगर निगम की कार्रवाई में अब तेजी लाने का फैसला लिया है।
निगम आयुक्त अमरजीत सिंह ने बताया है कि लोअर बाजार में जाकर लोगों को जागरूक किया जाएगा। फिलहाल लोगों को मौखिक चेतावनी दी जाएगी। इसके बाद भी अगर लोग नहीं माने तो नोटिस जारी होंगे।
हाईकोर्ट ने त्रिशा शर्मा बनाम राज्य सरकार के केस नंबर 956/2003 की सुनवाई करते हुए छतों को लाल या हरे रंग से रंगने के आदेश दिए थे।
नगर निगम के बिल्डिंग बॉयलाज 1998 में भी इसका उल्लेख है। साल 2006 के दौरान हाईकोर्ट के आदेशों के चलते समूचे शहर में छतों को रंगने की मुहिम शुरू हुई थी। लेकिन बीते सालों में निरीक्षण नहीं करने के चलते यह अभियान अधर में छूटा था।