लोक निर्माण विभाग के विभिन्न मंडलों और उपमंडलों में सहायक अभियंताओं दर्जनों पद खाली चल रहे हैं। अधिकारियों की कमी के चलते विकास कार्यों की निगरानी और परियोजनाओं के संचालन पर असर पड़ रहा है। कई जिलों में एक-एक अधिकारी को अतिरिक्त जिम्मेदारियां संभालनी पड़ रही हैं, जिससे कार्यों के समय पर पूरा होने में दिक्कतें सामने आ रही हैं। विभाग ने पहले चरण में 30 सहायक अभियंताओं की नियुक्ति का प्रस्ताव तैयार किया है।
इन नियुक्तियों से सड़क, पुल और भवन निर्माण से जुड़े कार्यों में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में चल रही विकास परियोजनाओं की मॉनिटरिंग बेहतर हो सकेगी। पंचायत चुनावों के चलते लागू आदर्श आचार संहिता के कारण विभाग को राज्य निर्वाचन आयोग से अनुमति लेनी पड़ी। लोक निर्माण विभाग में लगातार बढ़ रहे विकास कार्यों और नई परियोजनाओं के कारण तकनीकी अधिकारियों की आवश्यकता बढ़ी है। विभाग का मानना है कि खाली पद भरने से निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था में सुधार आएगा, वहीं लोगों को विकास कार्यों का लाभ समय पर मिल सकेगा।