बिलासपुर जिले में एक बार फिर से चंदन के पेड़ों पर आरी चली है। देर रात बिलासपुर शहर के साथ लगते ओयल गांव स्थित इको पार्क में चंदन के नौ पेड़ वन काटुओं ने काट डाले, लेकिन ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों की सतर्कता से वन काटू काटे गए पेड़ों को ले जाने में कामयाब नहीं हो पाए।
हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में एक बार फिर से चंदन के पेड़ों पर आरी चली है। देर रात बिलासपुर शहर के साथ लगते ओयल गांव स्थित इको पार्क में चंदन के नौ पेड़ वन काटुओं ने काट डाले, लेकिन ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों की सतर्कता से वन काटू काटे गए पेड़ों को ले जाने में कामयाब नहीं हो पाए। वन विभाग ने इन पेड़ों को कब्जे में ले लिया है और सदर थाना में शिकायत पत्र भी दिया है। ओयल गांव के एक व्यक्ति ने रात करीब 2:30 बजे ग्राम पंचायत प्रधान दिनेश कुमार को फोन कर बताया कि उसके घर से ऊपर इको पार्क में पेड़ काटने की आवाज रही है। इस पर पंचायत प्रधान ने सिटी चौकी पुलिस और वन विभाग के खंड अधिकारी को सूचना दी।
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रात्रि गश्त कर रहे दो पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। उन्होंने टॉर्च जलाई तो वन काटू वहां से भाग निकले। बताया जा रहा कि वन काटू काफी संख्या में थे। इतने में ग्रामीण, पंचायत प्रधान और वन विभाग के कर्मी भी वहां पहुंच गए। वन विभाग की टीम ने सर्च ऑपरेशन चलाया तो वहां चंदन के पेड़ कटे हुए मिले। मौके पर पहुंचे पंचायत प्रधान दिनेश कुमार ने बताया कि इको पार्क के पास जंगल में उन्होंने नौ पेड़ चंदन के कटे हुए गिने हैं। वन क्षेत्रीय अधिकारी संयम मुनौला ने बताया कि वह इस बारे पक्ष देने के लिए अधिकृत नहीं है। वहीं, जिला वन अधिकारी अवनी भूषण राय से इस बारे पक्ष लेने के लिए फोन किया गया पर उन्होंने फोन नहीं उठाया।