सचिवालय में शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा के साथ चर्चा करते स्थानीय कांग्रेसी नेता और नगर निगम के पार्षद।
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अवैध भवन मालिकों के लिए ओपन एरिया की शर्त को लेकर बनी असमंजस की स्थिति पर सरकार ने अपना पक्ष साफ कर दिया है। टीसीपी और नगर निगम में शामिल होने से पहले मर्ज क्षेत्रों में बने भवनों का नियमितीकरण बिना फीस और नक्शे के होगा। इन लोगों को सिर्फ शपथपत्र देना होगा। इसमें अधिसूचना से पहले बने भवन का जिक्र होगा।
इसके बाद भवनों को नियमित माना जाएगा। सरकार का कहना है कि इन क्षेत्रों में पहले भवन बने हैं, बाद में उन्हें नगर निगम और टीसीपी में मर्ज किया गया है। शपथपत्र का मेल राजस्व विभाग के रिकॉर्ड से होगा। गलत शपथपत्र देने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। शहरों में सेटबैक पर 30 फीसदी एरिया ओपन रहने की शर्त में छूट दी जाएगी।
यह एरिया इसलिए ओपन रखा गया था कि इससे लोगों के पानी और सीवरेज के पाइप बिछाए जा सकें। सरकार का कहना है कि अगर जगह कम है, तब भी नक्शा पास होगा। इसके लिए लोगों से शपथपत्र लिया जाएगा। इसमें लोगों को सीवरेज और पाइप बिछाने में कोई आपत्ति न जता सके। शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने सोमवार को शिमला शहर के अवैध भवन मालिकों और नगर निगम के पार्षदों से बैठक की।
अवैध भवन मालिक कर सकेंगे ऑनलाइन आवेदन
बैठक में टीसीपी और नगर निगम के अधिकारी मौजूद थे। मंत्री ने कहा कि अवैध भवन मालिक ऑनलाइन और खुद टीसीपी तथा नगर निगम कार्यालय में नक्शा पास कराने को आवेदन कर सकेंगे।
नेशनल हाइवे पर जिन लोगों ने अतिक्रमण किया है, उसे नियमित नहीं किया जाएगा। भवन नियमित करने को किसी भी एनओसी की जरूरत नहीं पड़ेगी। विपक्ष ने एनओसी जरूरी होने की अफवाह फैलाई है।
कैबिनेट में जाएगा मामला
शहरी क्षेत्रों में अवैध भवन को नियमित करने का मामला मंत्रिमंडल बैठक में लाया जाएगा। एक्ट में संशोधन करने के बाद इसकी अधिसूचना जारी होगी।
ग्रीन, हेरिटेज एरिया में भवन मालिकों को भी राहत
क्षेत्र के हेरिटेज और ग्रीन एरिया में शामिल होने की अधिसूचना से पहले बने भवन भी नियमित होंगे। अधिसूचना के बाद वाली कंस्ट्रक्शन स्वीकृत नहीं मानी जाएगी।
सीएम से उठाएंगे फीस कम करने का मामला
शहरी विकास मंत्री ने कहा कि फीस कम करने के मामले पर मुख्यमंत्री से चर्चा की जाएगी। उनके आदेशानुसार ही फीस कम हो सकती है।
सुशांत, सुरेंद्र और परमार से उठाया मामला
पर्यटन विकास निगम के उपाध्यक्ष हरीश जनारथा की अगुवाई में नगर निगम के पार्षद, सोसाइटी के पदाधिकारी सुधीर शर्मा से मिले। पार्षद सुशांत कपरेट ने बिल्डर से खरीदे फ्लैट को नियमित कराने का मामला उठाया। संजय परमार ने चक्कर में एनएच आने से पहले भवनों को नियमित कराने और सुरेंद्र चौहान ने साडा में बने भवनों को नियमित करने का मामला उठाया।
एक और मौका
जिन लोगों ने पहले भी रिटेंशन पॉलिसी में भवन नियमित कराए थे, लेकिन बाद में फिर अवैध निर्माण कर दिया। ऐसे लोग भी नए सिरे से भवन नियमित कराने को आवेदन कर सकेंगे।