इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) शिमला और सोलन के 30 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले कैंसर सहित गंभीर दर्द से परेशान मरीजों को अब घरद्वार पर उपचार मिलेगा। आईजीएमसी के पेन एंड पैलिएटिव केयर विभाग ने कैनस्पॉट और सिपला पैलिएटिव फाउंडेशन के सहयोग से बिस्तर से न उठ पाने वाले असहाय मरीजों के लिए यह विशेष सेवा शुरू की है।
परिजनों द्वारा हेल्पलाइन नंबर पर सूचना देने के बाद विभाग की विशेष टीम मरीज के घर पहुंचेगी और उसे असहनीय दर्द से राहत दिलाने के लिए उपचार उपलब्ध करवाएगी। इस पहल से अस्पताल लाने की परेशानी से मुक्ति मिलेगी और परिजनों की चिंता भी दूर होगी। दोनों क्षेत्रों में यह प्रयोग सफल रहने के बाद प्रदेश के अन्य अस्पतालों में भी इस तरह की सुविधा शुरू करने का प्रस्ताव सरकार को भेजा जाएगा। विभाग ने इसके लिए दो होम बेस्ड पैलिएटिव केयर टीमें गठित की हैं। प्रत्येक टीम में एक चिकित्सक, एक स्टाफ नर्स और एक काउंसलर शामिल हैं। विभाग के प्रोफेसर डॉ. विनय सोम्या ने बताया कि मरीजों को दर्द से राहत दिलाने के उद्देश्य से यह घरद्वार सेवा शुरू की गई है। इसके अतिरिक्त मरीज आईजीएमसी के टर्शरी कैंसर सेंटर की ओपीडी के कमरा नंबर पांच में भी चिकित्सकीय परामर्श ले सकते हैं।
8448191580 पर कॉल कर ले सकते हैं सुविधा... बिस्तर से उठने में असमर्थ मरीज या उनके परिजन हेल्पलाइन 8448191580 पर संपर्क कर इस सेवा का लाभ उठा सकते हैं। टर्शरी कैंसर सेंटर के विभागााध्यक्ष डॉ. मनीष गुप्ता ने कहा कि आईजीएमसी और सोलन के 30 किलोमीटर के दायरे में होम बेस्ड पैलिएटिव केयर सुविधाएं मरीजों को घर पर दी जा रही हैं।