रोगी कल्याण समिति की बैठक में नहीं दी मंजूरी, क्रैच को आंगनबाड़ी में तब्दील करने के लिए दिया था प्रस्ताव
चिकित्सक, नर्सों व अन्य स्टाफ के बच्चों की देखभाल के लिए खोला गया है क्रैच
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में आंगनबाड़ी के प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया है। अब क्रैच में ही बच्चों को सुविधा पहले की तरह मिलती रहेगी। हाल ही में हुई रोगी कल्याण समिति की बैठक में आईजीएमसी में चल रहे क्रैच को आंगनबाड़ी में तब्दील करने का प्रस्ताव सदस्यों ने दिया था। इस मुद्दे पर सदस्यों ने चर्चा की और आंगनबाड़ी बनाने की मंजूरी नहीं दी।
बता दें कि आईजीएमसी में क्रैच की सुविधा पिछले 20 वर्षों से दी जा रही है। यहां पर आईजीएमसी, डेंटल कॉलेज एवं अस्पताल, कर्मचारी संघ की ओर से ड्यूटी के दौरान छोटे बच्चों को रखने के लिए क्रैच सुविधा प्रदान की गई है। इससे चिकित्सक, नर्सों व अन्य स्टाफ को ड्यूटी के दौरान बच्चों के लिए परेशान नहीं होना पड़ता है। अब क्रैच को आंगनबाड़ी में तब्दील करने की मांग अस्पताल प्रबंधन के सामने स्टाफ ने उठाई थी। इसको लेकर कर्मचारी संघ और अभिभावकों ने अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक को पत्र भी लिखा था और मांग की थी कि क्रैच को आंगनबाड़ी में तब्दील कर दिया जाए ताकि बच्चों को सीखने का और मौका मिल सके। रोगी कल्याण समिति का तर्क है कि अलग-अलग जगहों पर स्टाफ की ड्यूटी के चलते आंगनबाड़ी की समयसारणी के अनुरूप नहीं होगी।