अब मरीजों को नहीं मिलेंगी ऑपरेशन के लिए लंबी तारीखें
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) शिमला में 21 दिन की सर्दियों की छुट्टियां काटकर डॉक्टर कल ड्यूटी पर (वीरवार) लौट आएंगे। इसी के साथ आईजीएमसी में 42 दिन से चल रही चिकित्सकों की कमी भी खत्म हो जाएगी। दरअसल सर्दियों में चिकित्सकों को दो चरणों में छुट्टी पर भेजा जाता है। पहले चरण में तीन फरवरी और दूसरे चरण में 25 फरवरी को चिकित्सक छुट्टी पर गए थे। इन दो चरणों में 373 चिकित्सकों ने छुट्टियां काटी।
अब चिकित्सकों के ड्यूटी पर लौटने से मरीजों को राहत मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा मरीजों को रूटीन के ऑपरेशनों के लिए भी लंबी तारीखें नहीं मिलेंगी। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में सेकंड हॉफ पर गए डॉक्टरों की विंटर विकेशन खत्म हो गई है।
136 चिकित्सकों के ड्यूटी पर लौटने से मरीजों को सभी स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की सुविधा मिल जाएगी। चिकित्सकों को पहले सर्दियों में 38 दिन का अवकाश मिलता था लेकिन इस बार एमबीबीएस प्रशिक्षु डॉक्टरों की परीक्षाओं और कोरोना के चलते इन्हें घटा दिया था।
मौजूदा समय में अस्पताल में औसतन 2500 के करीब ओपीडी चल रही है। ऐसे में भारी भीड़ और कम डॉक्टरों के होने से दो-दो बार इलाज के लिए अस्पताल आना पड़ता था। मौजूदा समय में ऑपरेशन के लिए मरीजों को अप्रैल की तारीखें दी र्गइं हैं। ऐसे में डॉक्टरों के लौटने के बाद मरीजों को राहत की उम्मीद हैै। मेडिसिन, आर्थो, सर्जरी, ईएनटी, गायनी और रेडियोथैरेपी विभाग की ओपीडी में इन दिनों भारी भीड़ मरीजों की देखने को मिल रही है।