कैबिनेट के फैसले से नाखुश हिमाचल के निजी बस ऑपरेटरों ने 30 जून तक किराया न बढ़ाने की सूरत में एक जुलाई से बसें खड़ी करने का अल्टीमेटम दिया है। मांग की है कि सरकार बसों में खाली रहने वाली सीटों का किराया भी सरकार वहन करे। हिमाचल में इस समय निजी ऑपरेटरों की करीब 300 बसें चल रही हैं। सरकार की ओर से दी गई राहत पर चर्चा करने के लिए शुक्रवार को बस ऑपरेटरों ने वीडियो कांफ्रेंसिंग से बैठक की।
इसकी अध्यक्षता संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजेश पराशर ने की। संघ के प्रदेश महासचिव रमेश कमल ने कहा कि निजी बस ऑपरेटरों को उम्मीद थी कि 25 जून को कैबिनेट बैठक में उनके हित में सरकार कोई निर्णय लेगी, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। प्रदेश अध्यक्ष राजेश पराशर में कहा कि सरकार ने बिना किसी मापदंड से प्रदेश में बसें चलाने का निर्णय लिया है, जबकि ग्राउंड में वास्तविकता कुछ और ही है।
बसों की समयसारिणी पर उठाए सवाल
प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि सरकार ने सुबह 7 से शाम 7 बजे तक बसें चलाने का आदेश दिए हैं, जबकि लंबे रूट की अधिकतर बसों की समयसारिणी 7 बजे से पहले भी है। इस कारण निजी बस ऑपरेटरों को अपनी बसें चलाने में दिक्कत आ रही है।
क्या कहते हैं अधिकारी
परिवहन विभाग के निदेशक कैप्टन जेएम पठानिया ने बताया कि निजी बस ऑपरेटरों की बैठक होने की सूचना है। इनकी मांग को सरकार के समक्ष रखा जाएगा।