कमेटी हॉल में बैठक कर तय की आंदोलन की रणनीति
संवाद न्यूज एजेंसी शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) आउटसोर्स के तहत रखे कर्मचारियों को दो माह की तनख्वाह नहीं मिली है।
यूनियन नेताओं ने कहा है कि अगर वीरवार तक उन्हें तनख्वाह नहीं दी जाती है, तो हड़ताल शुरू कर दी जाएगी। आईजीएमसी के कमेटी हॉल में मंगलवार को प्रबंधन, यूनियन और ठेकेदारों की बैठक बुलाई गई। यह बैठक वार्ड अटैैंडेंट, सफाई, सुरक्षा कर्मियों और अन्य पैरा मेडिकल स्टाफ जिनकी संख्या 150 के करीब है, को दो माह से तनख्वाह नहीं मिल रही। अस्पताल के कमेटी हॉल में दोपहर तीन बजे शुरू हुई बैठक में आईजीएमसी के एमएस डॉ. राहुल राव, सीटू के पदाधिकारी, ठेकेदार शामिल हुई। हॉल में तीन घंटों तक चली बैठक में कहा गया कि एक माह की तनख्वाह कर्मचारियों को वीरवार तक दी जाए। इसके अलावा दूसरे महीने की तनख्वाह उसके दो दिन बाद दी जाए।
सीटू के प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा ने बताया कि अगर तय अवधि में कर्मचारियों को तनख्वाह नहीं दी जाती है, तो हड़ताल शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि बैठक में 12 जून 2024 के समझौते को भी लागू करने को कहा है। इसमें चेजिंग रूम, मजदूरों से अस्पताल के काम की बजाय दूसरा काम नहीं करवाने आदि की मांगों पर चर्चा की गई।