आईस स्केटिंग के दीवानों के अरमान पूरे होने का समय आ गया है। वीरवार शाम को बर्फ से जमे रिंक पर ट्रायल करने के बाद शुक्रवार सुबह से स्केटिंग सीजन की शुरुआत हो गई। सुबह साढ़े आठ से दस बजे तक शिमला आईस स्केटिंग क्लब के सदस्यों और स्केटरों ने जमकर रिंक में स्केटिंग कर मस्ती की।
हालांकि पहले रोज स्केटरों की तादाद इतनी नहीं थी लेकिन जो भी पहुंचे थे उन्होंने सीजन के पहले स्केटिंग सत्र का भरपूर आनंद लिया। शाम के सत्र में छह बजे से ही स्केटिंग शुरू हो गई थी। बर्फ जम जाने के साथ ही शिमला आइस स्केटिंग क्लब ने सीजन की सदस्यता की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
क्लब ने इस बार करीब 15 रोज बाद स्केटिंग शुरू होने के कारण इस सदस्यता शुल्क आधा कर दिया है। अब जूनियर वर्ग के खिलाड़ी एक हजार के बजाय महज 500 रुपये और सीनियर वर्ग के स्केटर 2000 के बजाय एक हजार की फीस चुका कर सीजन के शेष बचे सत्र में स्केटिंग का मजा ले सकते हैं। स्केट्स के रेट में कोई कमी नहीं की है।
शिमला आइस स्केटिंग क्लब के सचिव भवनेश बांगा और कार्यकारिणी सदस्य राजन भारद्वाज ने बताया कि इस बार देरी से सीजन शुरू होने तथा कम समय बचने के कारण ही सदस्यता शुल्क में कमी की है। कहा कि फिलहाल रिंक में और अच्छी बर्फ जमने के लिए मौसम अच्छा बना है।
उम्मीद है कि अब लगातार रिंक में स्केटिंग होगी और स्केटर जमकर स्केटिंग का आनंद उठा सकेंगे। रिंक में शौकिया स्केटिंग करने आने वाले पर्यटकों के लिए एक सत्र के लिए रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। पर्यटकों से दो सौ रुपये प्रति सत्र चार्ज किया जाएगा।
एमसी की छत पर लटका लाल गुबारा
लक्कड़ बाजार स्थित आईस सकेटिंग रिंक में स्केटिंग सीजन शुरू होने के संकेत के रूप में सालों से लाल गुबारा लटकाया जाता है। शुक्रवार से शिमला आइस स्केटिंग क्लब ने गुबारे को लटकाकर रिंक में स्केटिंग शुरू होने का संदेश दे दिया है। सीजन चलने तक इसी तरह से लाल गुबारा नगर निगम की छत पर लहराता रहेगा।
रिंक में एक साल बाद लौटी रौनक
रिंक मैदान में बर्फ जमने के साथ ही अब स्केटर रिंक तक पहुंचना शुरू हो गए हैं। रिंक में इसके साथ ही रौनक भी लौट आई है। जैसे-जैसे सत्र आगे बढ़ते जाएंगे उसके साथ ही एक साल से स्केटिंग का इंतजार कर रहे छात्र स्केटरों और क्लब के सदस्यों का स्केटिंग करने का अरमान पूरा होगा।