बिलासपुर जिला अस्पताल में स्वास्थ्य मंत्री और जिला प्रशासन के आश्वासन के बाद भी डॉक्टरों की नियुक्ति नही हो पाई है। इससे नाराज भाजपा नेता और सामाजिक कार्यकर्ता सुभाष शर्मा ने अब स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर के सरकारी आवास के बाहर आमरण अनशन का ऐलान कर दिया है।
सुभाष ने कहा है कि अगर 5 जुलाई से पहले-पहले बिलासपुर अस्पताल में डॉक्टरों की ज्वाइनिंग नहीं हुई तो वे छह जुलाई को स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर के शिमला स्थित सरकारी आवास के बाहर आमरण अनशन पर बैठ जाएंगे। इस संबंध में वे वीरवार को उपायुक्त को ज्ञापन सौंप कर इसकी जानकारी सरकार को दे देंगे।
बिलासपुर में पत्रकारों को संबोधित करते हुए सुभाष शर्मा ने कहा कि अनके आमरण अनशन को समाप्त हुए दस दिन बीत गए हैं, लेकिन अभी तक किसी भी डॉक्टर ने यहां पर ज्वाइनिंग नहीं दी है। उन्होंने प्रशासन और सरकार के आश्वासन के बाद ही आमरण अनशन को तोड़ा था, लेकिन आश्वासन के बाद भी कोई भी डॉक्टर यहां नहीं पहुंचा है।
इससे पता चलता है कि प्रदेश सरकार और विधायक झूठे हैं। विधायक कहते हैं कि जिला अस्पताल में 22 डॉक्टर है, लेकिन विधायक यह बताएं कि 22 डॉक्टर कहां अपनी सेवाएं दे रहे हैं। अस्पताल में केवल 14 डॉक्टर कार्यरत हैं। इनमें से एमडी, सर्जन का एक भी डॉक्टर नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि अनशन की समाप्ति पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा था कि दो दिन में दो और डॉक्टरों के ऑर्डर कर दिए जाएंगे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने शिमला बैठे आला अधिकारियों से बात की तो वे कहते हैं कि यहां पर कोई भी डॉक्टर कार्य नहीं करना चाहता।
उन्होंने विधायक से पूछा है कि ऐसा क्या कारण है कि यहां पर कोई भी डॉक्टर कार्य नहीं करना चाहता है। इसके अलावा हाइड्रो कॉलेज की कक्षाएं भी जिला से बाहर चलना यह दर्शाता है कि प्रदेश सरकार और नेता बिलासपुर के लोगों के साथ भेदभाव कर रही है।
ऐसे में सरकार और विधायक को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। इस मौके पर अधिवक्ता मुकेश, भूपेश चंदेल, सुरेश ठाकुर, बाबूराम ठाकुर, अनुपम, अनूप ठाकुर, इंद्र सिंह गोगी भी मौजूद थे।