हेलीकॉप्टर ने सुबह आठ बजे गगल से उड़ान भरी। रेस्क्यू टीम के साथ डीसी संदीप कुमार, एसपी संतोष पटियाल समेत प्रशासन और चिकित्सा विभाग के अधिकारी भी मौजूद थे।
टीम में शामिल एक स्थानीय जानकारी ने जालसू, कालीहनी, थमसर पास और मुरालधार में उड़ान के दौरान इलाके की जानकारी दी। डीसी कांगड़ा संदीप कुमार ने बताया कि बड़ा भंगाल की पहाड़ियों में भेड़पालक सुरक्षित हैं।
उन्हें खाने पीने का सामान पहुंचा दिया गया है। बड़ा भंगाल के आसपास क्षेत्र में चरवाहों के 20-22 झुंड हैं। संदीप कुमार बताया कि बड़ा भंगाल में उतर कर स्थानीय लोगाें से बातचीत की गई है। लोगाें तक राशन पहुंच गया है। हेलीकॉप्टर के जरिये भी करीब 350 किलो राशन उपलब्ध करवाया गया है।
स्थानीय इंद्र गोपाल ने हेलीकॉप्टर में उड़ान के दौरान वह जगह भी बताई जहां चरवाहे राकेश की मौत हो गई थी। चूंकि हेलीकॉप्टर उतारना संभव नहीं हो पाया, ऐसे में शव भी नहीं निकाला जा सका।
रेस्क्यू ऑपरेशन पर गए हेलीकॉप्टर से वापसी पर बड़ा भंगाल की एक बुजुर्ग महिला मरीज को एयरलिफ्ट किया गया। 70 वर्षीय बिम्मो देवी को इलाज के लिए कांगड़ा लाया गया।
वहीं बड़ा भंगाल में 43 साल की मंगला ने कहा कि समय पर राशन मिलने से उन्हें राहत मिली है। उपप्रधान परस राम ने कहा कि इस बार चंबा और भरमौर से हेलीकॉप्टर के जरिये राशन समेत अन्य आवश्यक वस्तुएं पहुंचने से बड़ा भंगाल इलाके को बड़ी राहत मिली है।