संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत सैकड़ों आउटसोर्स कर्मचारी स्थायी नीति और नौकरी में सुरक्षा की मांग को लेकर 27 मार्च को चौड़ा मैदान में प्रदर्शन करेंगे। प्रदर्शन में प्रदेशभर के आउटसोर्स कर्मचारियों के विभिन्न संगठन शामिल होंगे।
संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारी 15 से 20 वर्षों से विभिन्न विभागों पर सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन आज भी उन्हें नौकरी की असुरक्षा और बेहद कम वेतन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार द्वारा हाल ही में पेश बजट में आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए मात्र 13,700 प्रतिमाह वेतन का प्रावधान किया है जो मौजूदा महंगाई के दौर में बेहद कम है। कर्मचारियों का कहना है कि 13,000 से 13,700 के वेतन में न तो वह अपने परिवार का भरण-पोषण ठीक से कर पा रहे हैं और न ही बच्चों की शिक्षा तथा स्वास्थ्य जैसी बुनियादी जरूरतें पूरी कर पा रहे हैं। इससे उनके भविष्य के साथ-साथ अगली पीढ़ी का भविष्य भी प्रभावित हो रहा है।
विज्ञापन
कर्मचारी नेताओं ने बताया कि प्रदर्शन की प्रमुख मांगों में आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए स्थायी नीति बनाकर नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित करना और समान कार्य के लिए समान वेतन लागू करना शामिल है। इसके अलावा हाल ही में बागवानी, बिजली बोर्ड, जल शक्ति समेत कई विभागों से कर्मचारियों को हटाए जाने की घटनाओं ने भी कर्मचारियों में असंतोष बढ़ा दिया है। कर्मचारी प्रदर्शन के माध्यम से मांग करेंगे कि उनकी नियुक्ति बहाल की जाए।
संघ के संयोजक अश्विनी शर्मा और सह संयोजक सोहनलाल तुलिया ने कहा कि यह आंदोलन कर्मचारियों के अधिकारों, सम्मान और भविष्य की सुरक्षा के लिए किया जा रहा है। संघ ने प्रदेश के सभी आउटसोर्स कर्मचारियों से आह्वान किया है कि वह 27 मार्च को चौड़ा मैदान में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस आंदोलन को सफल बनाएं। उन्होंने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारी मजबूती से सरकार के समक्ष अपनी मांगों को उठाएंगे।