प्रदेश के शिमला, कुल्लू और मंडी जिलों के सेब बागवानीयुक्त कई क्षेत्रों में सेब की ड्रॉपिंग की समस्या सामने आई है। कोटखाई तहसील के बखोल पंचायत के बागवान संजीव चौहान कहते हैं कि जब सेब के फलों में बीज कम या कमजोर होते हैं और तापमान कम रहता है, ऐसे में फल झड़ने लगते हैं। ठियोग क्षेत्र के एक अन्य बागवान सन्नी शर्मा ने बताया कि उनके बगीचे में ड्रॉपिंग का कारण अमेरिका से आए एक महंगे रसायन की ओवरडोज से हुई है।
डॉ. वाईएस परमार बागवानी एवं वानिकी विवि के सेवानिवृत्त प्रसार निदेशक बागवानी विशेषज्ञ डॉ. एसपी भारद्वाज कहते हैं कि बागवान सेब की सेटिंग के लिए बिना ज्ञान के दवाओं का स्प्रे सेटिंग के लिए करते हैं। इसका रिएक्शन होता है और सेब झड़ने लगता है। फलों की छंटाई पहले ही कर लें तो ड्रॉपिंग की समस्या नहीं रहती।