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Himachal News: हिमाचल में 6 माह के लिए एस्मा लागू, एचआरटीसी कर्मियों के हड़ताल के एलान के बाद सरकार का फैसला

Tue, 23 Jun 2026 03:20 PM IST
Ankesh Dogra न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला

सार

एचआरटीसी कर्मचारियों की लंबित भत्तों की मांग पर सरकार के साथ वार्ता विफल रही। इसके बाद यूनियन ने 24 जून की रात 12 बजे से पूरे प्रदेश में बसों की हड़ताल पर जाने की घोषणा कर दी। पढ़ें पूरी खबर...
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शिमला ओल्ड बस स्टैंड पर निगम कर्मचारियों की नारेबाजी। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम कर्मचारी यूनियन और प्रदेश सरकार के बीच मंगलवार को हुई बैठक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। वार्ता बेनतीजा रहने के बाद यूनियन ने 24 जून की रात 12 बजे से प्रदेशभर में बसों की हड़ताल पर जाने का एलान कर दिया है।

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यूनियन का कहना है कि कर्मचारियों के लंबित भत्तों का करीब 100 करोड़ रुपये का भुगतान लंबे समय से नहीं हुआ है। इस मांग को लेकर पहले ही सरकार को 24 जून तक का समय दिया गया था। मांगें पूरी नहीं होने पर अब यूनियन ने हड़ताल का निर्णय लिया है।
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एचआरटीसी कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष मान सिंह ने कहा कि परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के साथ बैठक प्रस्तावित थी, लेकिन यह किसी निष्कर्ष तक नहीं पहुंच सकी। उन्होंने आरोप लगाया कि बैठक के दौरान कर्मचारियों की मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया। साथ ही उन्होंने अपना तबादला किए जाने पर भी नाराजगी जताई।

यूनियन के अनुसार यदि सरकार ने जल्द कोई समाधान नहीं निकाला तो 24 जून की रात 12 बजे से प्रदेशभर में एचआरटीसी बसों का संचालन प्रभावित होगा। इससे हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

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हिमाचल में 6 माह के लिए एस्मा लागू
हिमाचल प्रदेश में प्रस्तावित एचआरटीसी कर्मचारियों की हड़ताल पर राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने हिमाचल पथ परिवहन निगम कर्मचारियों पर इसेंशियल सर्विसेज मेंटेनेंस एक्ट लागू कर दिया है। इसके साथ ही कर्मचारियों की 25 जून से प्रस्तावित हड़ताल पर रोक लग गई है। परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, अब एचआरटीसी कर्मचारी अगले छह महीने तक हड़ताल नहीं कर सकेंगे। नोटिफिकेशन देखें

सरकार ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक परिवहन आवश्यक सेवा है और इसकी हड़ताल से आम जनता, विद्यार्थियों, मरीजों और जरूरी सेवाओं पर सीधा असर पड़ सकता है। सरकार ने आदेश में कहा है कि कोई भी कर्मचारी हड़ताल शुरू नहीं करेगा, उसमें शामिल नहीं होगा और न ही किसी प्रकार से उसे बढ़ावा देगा। यदि कोई कर्मचारी इसेंशियल सर्विसेज मेंटेनेंस एक्ट के प्रावधानों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक (एमडी) को निर्देश दिए हैं कि अधिसूचना का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया जाए। साथ ही सभी जिलाधीशों और पुलिस अधीक्षकों को भी आवश्यक सहयोग देने के निर्देश जारी किए गए हैं।

उधर, एचआरटीसी कर्मचारी यूनियन अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन पर अड़ी हुई है। यूनियन का कहना है कि लंबित वित्तीय देनदारियों और अन्य मांगों के समाधान तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
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