सरकार के साथ बैठक बेनतीजा रहने के बाद प्रशिक्षित परिचालक संघ के प्रतिनिधियों ने शुक्रवार से प्रदेश विधानसभा के बाहर आमरण अनशन शुरू कर दिया है। ये परिचालक 21 अप्रैल से लेकर वीरवार तक क्रमिक अनशन पर बैठे थे, लेकिन मांगें पूरी न होने पर अब आमरण अनशन शुरू कर दिया है।
संघ के अध्यक्ष जीत सिंह नैहटा का कहना है कि सरकार पिछले चार सालों से आश्वासन ही दे रही है। प्रशिक्षित परिचालकों के भविष्य को लेकर कोई फैसला नहीं लिया गया है। संघ का कहना है कि सरकार ने प्रशिक्षित परिचालकों से धोखा किया है।
अनशन पर बैठे नैंहटा, नाहन से सुरेश कुमार, बिलासपुर से रूपलाल, शिमला से दीपचंद, रिकांगपिओ डिपो से अभिमन्यु ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि प्रशिक्षित परिचालकों के लिए जल्द कोई ठोस नीति नहीं बनाई तो अनशन करने वालों की संख्या बढ़ा दी जाएगी। कहा कि उनका आंदोलन मांगें पूरी होने के बाद ही खत्म होगा।
प्रभावित रहे दर्जनों रूट- परिचालकों के अनशन के चलते शुक्रवार को भी शहर में एचआरटीसी के दर्जनों रूट प्रभावित रहे। उपनगरों में ज्यादातर रूटों पर कम बसें चलीं, जिससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ग्रामीण रूटों पर भी बसों की आवाजाही कम रही।