एचआरटीसी के सभी डिपो में कंडक्टरों की कमी के कारण प्रशिक्षित कंडक्टरोें को बसों के साथ चलाया जा रहा है। प्रशिक्षण के नाम पर पिछले तीन सालों से सैकड़ों कंडक्टर एचआरटीसी की बसों में सेवाएं दे रहे हैं
लेकिन सरकार की ओर से कोई स्थायी नीति न बनाए जाने के बाद अब प्रशिक्षित कंडक्टरों ने आंदोलन का रास्ता चुन लिया है। मौजूदा समय में एचआरटीसी के पास नियमित और अनुबंध वाले इतने कंडक्टर नहीं हैं
जिनसे सभी रूटों पर बसों का संचालन हो सके ऐसे में सोमवार से एचआरटीसी के बस रूट फेल होने की पूरी संभावना है, ऐसे में राजधानी शिमला सहित जिले भर के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
कंडक्टरों की कमी से रूट प्रभावित न हो इसके लिए एचआरटीसी प्रबंधन हर संभव प्रयास कर रहा है। सोमवार को हमारी पहली प्राथमिकता स्कूल बसों के सभी रूट संचालित करने और ऐसे रूट जहां सिर्फ एचआरटीसी की सिंगल बस सर्विस है को संचालित करने की रहेगी।- देवासेन नेगी, क्षेत्रीय प्रबंधक, एचआरटीसी
रविवार को कंडक्टर न होने के कारण शिमला से शैनल रूट पर बस रवाना नहीं की जा सकी। यह बस शाम सात बजे लक्कड़ बाजार बस स्टैंड से शैनल के लिए रवाना होती है। बस न जाने के कारण ढली, मशोबरा, बल्देयां, क्रैगनेनों, पधोड़ा सहित अन्य इलाकों के लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी।
बस रूट पर न जाने के कारण सोमवार सुबह भी शैनल से शिमला के लिए बस उपलब्ध नहीं होगी। शिमला से नहेवट रूट पर भी बस सेवा के संचालन पर संशय है। हफ्ते के पहले दिन स्कूली बच्चों, कर्मचारियों, सब्जी उत्पादकों सहित अन्य लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।