राजधानी शिमला में एचआरटीसी की टैक्सी सेवा जल्द दोबारा शुरू हो जाएगी। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने एचआरटीसी प्रबंधन से टैक्सी सेवा को लेकर प्रस्ताव मांगा है। मंगलवार को नगर निगम के कांग्रेस पार्षदों के आग्रह पर परिवहन मंत्री जीएस बाली ने शिमला में एचआरटीसी टैक्सी सेवा शुरू करने का मुद्दा मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया। रूट परमिट न मिलने से एचआरटीसी करीब एक साल से शहर में टैक्सी सेवा शुरू नहीं कर पा रही है।
परिवहन मंत्री जीएस बाली ने बताया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान ही शिमला में एचआरटीसी टैक्सी सेवा शुरू की थी। उस दौरान एचआरटीसी ने खुद टैक्सियों का संचालन किया था। भाजपा के सत्ता में आने के बाद टैक्सियां निजी हाथों में सौंप दी गई।
टैक्सी आपरेटरों की मनमानी के कारण लोगों को योजना का पूरा लाभ नहीं मिल पाया। रूट परमिट न मिलने से अब तक एचआरटीसी शिमला में टैक्सी सेवा शुरू नहीं करवा पा रहा था। मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद रूट परमिट मिलते ही शहर में दोबारा एचआरटीसी टैक्सी सेवा शुरू कर दी जाएगी।
टैक्सियों में वरिष्ठ नागरिकों एवं विकलांगों को प्राथमिकता दी जाएगी। नगर निगम के पार्षद शशि शेखर और सुशांत कपरेट ने शहर में एचआरटीसी टैक्सी सेवा दोबारा बहाल करने के आश्वासन के लिए मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और परिवहन मंत्री जीएस बाली का आभार जताया है।
एक साल से बंद है सेवा- शिमला शहर में रूट परमिट न मिलने से एक साल से एचआरटीसी टैक्सियां नहीं चल रही हैं। टैक्सियों के चलने का सबसे अधिक फायदा बुजुर्गों और बच्चों को होता है। लेकिन जब से टैक्सियां बंद हुई हैं तब लोग पैदल ही अपने गंतव्यों तक पहुंच रहे हैं। अब टैक्सी सेवा शुरू होती है तो हजारों लोगों को राहत मिलेगी।