दीवाली से ठीक पहले शहर के लोगों को एचआरटीसी ने बड़ा झटका दिया है। शहर के बंधित और प्रतिबंधित मार्गों पर चल रही एचआरटीसी की सभी टैक्सियां सोमवार से बंद हो गई। उधर एचआरटीसी की ओर से शुरू की गई नई टैक्सियों की खरीद की योजना भी अधर में लटक गई है। मामला न्यायालय में होने से एचआरटीसी ने नई टैक्सियों की खरीद प्रक्रिया रोक दी है।
शहर के बंधित और प्रतिबंधित रूटों पर एचआरटीसी टैक्सी सेवा बंद होने से शहर के लोगों के लिए बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। एचआरटीसी ने सोमवार से शहर के 23 रूटों पर टैक्सी सेवा बंद कर दी है।
संजौली, अनाडेल, केएनएच, जाखू मंदिर, न्यू शिमला, भराड़ी, समरहिल, टूटीकंडी, मैहली, खलीनी, कसुम्पटी, ढली, नवबहार और चक्कर सहित शहर के अन्य क्षेत्रों में रहने वाले हजारों लोगों को अब टैक्सी सेवा उपलब्ध न होने से ओवरलोड बसों में धक्के खाने होंगे। विशेषकर बुजुर्गों, अपंगों और रोगियों के लिए अब स्थिति आफत से कम नहीं है।
परिवहन मंत्री के निर्देशों के बाद अब एचआरटीसी को इन रूटों पर अपनी टैक्सियां चलानी है। निगम प्रबंधन ने शहर के बंधित और प्रतिबंधित मार्गों से होकर गुजरने वाले 20 रूटों के लिए 17 टवेरा और 3 फोर्स गाड़ियां लेने का फैसला लिया था लेकिन मामला न्यायालय में होने के कारण अब निगम प्रबंधन ने नई टैक्सियों की खरीद प्रक्रिया रोक दी है।
एचआरटीसी मुख्य कार्यालय से प्रचेज आर्डर (खरीद के निर्देश) जारी न होने के कारण टैक्सी सेवा पर सवालिया निशान लग गया है। त्यौहारी सीजन में जब लोगों को अतिरिक्त परिवहन सेवा की सबसे अधिक आवश्यकता है ठीक उसी समय टैक्सी सेवा बंद होने से शहर की जनता परेशानी में है।
एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक डा. आरएन बत्ता ने बताया कि टैक्सी से संबंधित मामला न्यायालय के विचाराधीन होने के कारण गाड़ियों की खरीद की प्रक्रिया रोक दी गई है। न्यायालय के आदेशों पर ही अब प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।