परिवहन सेवानिवृत्त कर्मचारी कल्याण मंच की राज्य स्तरीय बैठक में पेंशनरों ने कहा कि इस बजट सत्र में पेंशन समस्या का स्थायी समाधान और अन्य वित्तीय लाभों के भुगतान पर कार्रवाई करने के लिए बैठक न बुलाई गई तो पेंशनर विवश होकर सरकार और निगम प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन को मजबूर हो जाएंगे। इसका निर्णय मई में प्रदेश कार्यकारिणी के होने वाले अधिवेशन में लिया जाएगा।
पेंशनरों ने हर माह पेंशन के स्थायी भुगतान न होने पर भी सरकार के खिलाफ रोष जताया है। पेंशनरों का कहना है कि दिसंबर 2019 की पेंशन 28 जनवरी और जनवरी माह की पेंशन आज दिन तक पेंशनरों को नहीं दी गई है। परिवहन सेवानिवृत्त कर्मचारी कल्याण मंच के प्रदेशाध्यक्ष बलराम पुरी ने कहा कि पेंशनरों की मुख्य मांगों में पेंशन का बजट में स्थायी समाधान करने, जुलाई 2015 से लंबित चले आ रहा 27 फीसदी महंगाई भत्ते का भुगतान, 140 से 144 फीसदी 4 प्रतिशत महंगाई भत्ते का भुगतान करने, वर्ष 2016 से लंबित लीव इन कैशमेंट और जुलाई 2017 से लंबित ग्रेच्यूटी का भुगतान करने, वर्ष 2018 से सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन का एरियर भुगतान करना शामिल है।
बैठक में मंच के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष चमन लाल पुंडीर, प्रदेश महामंत्री बीर सिंह चौहान, प्रदेश संगठन मंत्री कुलदीप सिंह गुलेरिया, वरिष्ठ उपाध्यक्ष बृजलाल ठाकुर, अतिरिक्त महासचिव भूपचंद अत्री, मुख्य सलाहकार मधुसूदन शर्मा, कोषाध्यक्ष किशोरी लाल धनोटिया, चंबा से दीवान ठाकुर, शक्ति चंद, कृपाल सिंह, निर्मल सिंह, कुलदीप चंद, अजमेर सिंह हमीरपुर, ओमप्रकाश, बिहारी लाल सरकाघाट, रमेश वर्मा ऊना, किशोरी लाल, मोहन लाल, अशोक शर्मा नाहन, मदन चोपड़ा कुल्लू, प्रेम लाल ठाकुर, कर्म चंद सुंदरनगर, अशोक पराशर, भीम सिंह नालागढ़, रामस्वरूप चौधरी, रघुनाथ शर्मा, देवराज ठाकुर, गुलाब सिंह धीमान शिमला, बलवीर चौधरी, जयकिशन राणा, भागा राम चंदेल, हरनाम सिंह जरयाल, संसार पठानिया, भीखम परमार, सुभाष शर्मा, अशोक कुमार, राजकुमार जसवाल मौजूद रहे।