शिमला जिला के नेरवा से मंगलवार सुबह पांवटा साहिब के लिए निकली एचआरटीसी बस (एचपी 66 ए-2588) कवाणू में कालसी की ओर से आ रहे ट्रक को पास देते समय डंगा धंसने से कई पलटे खाते हुए नीचे खड्ड में जा गिरी। सुबह करीब साढ़े नौ बजे हुए इस हादसे में रिचा (30) पत्नी वीरेंद्र निवासी बिजमल नेरवा, यासमिन (38) पत्नी नेक मोहम्मद निवासी क्यारला नेरवा और धन बहादुर पुत्र कारी बहादुर निवासी क्यारला नेरवा (शिमला) की मौके पर ही मौत हो गई।
सुबह करीब 10 बजे सूचना मिलने पर नायब तहसीलदार राजेंद्र लाल घटनास्थल पर पहुंचे। साथ ही एसडीआरएफ की टीम भी पहुंची। इससे पहले स्थानीय लोगों ने रस्सियों और स्ट्रेचर की मदद से घायलों को खाई से बाहर निकालकर सड़क तक पहुंचाया। समय पर एंबुलेंस नहीं पहुंचने पर लोगों ने सड़क पर आने-जाने वाले वाहनों को रोककर उनमें घायलों को डालकर अस्पताल भेजा। दुर्गम और पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण बचाव कार्य में काफी मुश्किलें आईं। घायलों में 17 शिमला जिले के हैं, जबकि तीन देहरादून, छह बिहार और दो उत्तर प्रदेश के हैं। चौदह घायलों को उप जिला अस्पताल, 10 को हरबर्टपुर स्थित लेहमन अस्पताल और तीन पांवटा साहिब अस्पताल में भर्ती हैं।
चालक ग्राफिक एरा अस्पताल देहरादून में भर्ती है। एडीएम वित्त केके मिश्रा, एसडीएम विकासनगर विनोद कुमार, एसडीएम पांवटा साहिब गुंजित सिंह चीमा, डीएसपी पांवटा साहिब मानवेंद्र ठाकुर और तहसीलदार विकासनगर विवेक राजौरी ने भी अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना। एडीएम ने कहा कि हादसा किन कारणों से हुआ है, इसकी जांच की जा रही है।
मृतक
1- यास्मीन बेगम (46) पत्नी नेक मोहम्मद ग्राम - क्यारला नेरवा (हिमाचल)
2- रिचा (30) पत्नी वीरेंद्र ग्राम- विजमल, नेरवा
3- धन बहादुर, ग्राम क्यारला नेरवा