हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के कर्मियों और पेंशनरों के करीब छह करोड़ के चिकित्सा बिलों का भुगतान इसी माह कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने यह जानकारी निगम की कार्यप्रणाली की समीक्षा बैठक में दी। बैठक में बताया गया कि निगम में विभिन्न श्रेणियों के 890 पद भरे जाएंगे, जिसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
निगम के बेड़े में 200 नई बसें जुड़ेंगी, जबकि पुरानी बसों को बदलकर इनके स्थान पर नई बसों को चलाया जाएगा। बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि पेंशनरों और नियमित कर्मचारियों के वित्तीय लाभ (ग्रेच्युटी, लिव इन कैशमेंट, ओवरटाइम) आदि का भी भुगतान धीरे-धीरे किया जाएगा। सीएम ने बताया कि एचआरटीसी में सुधार कार्यों के लिए नियमित बजट के अलावा 259 करोड़ रुपये की अतिरिक्त वित्तीय सहायता दी है।
सरकार परिवहन निगम की मासिक सहायता में भी वृद्धि करेगी। सीएम ने कहा कि लॉकडाउन में हिमाचली विद्यार्थियों और अन्य व्यक्तियों की घर वापसी के लिए 4618 बसों और ई-टैक्सी की सेवाएं ली गईं। एचआरटीसी ने 2019-20 में 50 इलेक्ट्रिक वैन के अतिरिक्त 50 इलेक्ट्रिक बसें खरीदीं। इस अवसर पर परिवहन मंत्री बिक्रम सिंह, एचआरटीसी के उपाध्यक्ष विजय अग्निहोत्री, मुख्य सचिव अनिल कुमार खाची आदि मौजूद रहे।
बस में कंडक्टर नही लगा सकेंगे टांका
सीएम ने कहा कि सरकार कैशलेस ट्रांजेक्शन, बस समयसारिणी ऑनलाइन दर्शाने और जीपीएस की सहायता से वाहनों का सही स्थान पता करने जैसी सुविधाओं शुरू करने जा रही है। इससे कंडक्टरों के टांका लगाने व डीजल बेचने वाली शिकायतें दूर होंगी।
कार्यशालाओं में सुधार के लिए 10.50 करोड़
प्रदेश में बस अड्डों और कार्यशालाओं में सुधार करने के लिए एचआरटीसी को 10.50 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इसके साथ ही स्मार्ट सिटी योजना के तहत धर्मशाला और शिमला स्थित ढली और लक्कड़-बाजार बस अड्डों में क्षेत्रीय कार्यशालाएं बनेंगी।
मुख्यमंत्री कोविड-19 फंड में दी राशि
मुख्यमंत्री को निगम के कर्मचारियों ने 32,25,850 रुपये और एचआरटीसी पेंशन धारकों की ओर से 17,66,824 रुपये के चेक मुख्यमंत्री कोविड-19 फंड के लिए भेंट किए गए।
बसें चलाने को लेकर ये कहा
सीएम ने कहा कि सात जून के बाद बसें चलेंगी या नहीं, इसका फैसला कैबिनेट बैठक में लिया जाएगा। एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक संदीप कुमार ने इस अवसर पर निगम की विभिन्न गतिविधियों से संबंधित विस्तृत प्रस्तुति दी। एचआरटीसी के उपाध्यक्ष विजय अग्निहोत्री, मुख्य सचिव अनिल खाची, अतिरिक्त मुख्य सचिव राम सुभग सिंह, प्रबोध सक्सेना और जेसी शर्मा, सचिव अक्षय सूद और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
बस संचालकों को कैबिनेट में मिल सकती है राहत
वहीं, परिवहन मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर ने कहा कि एचआरटीसी को 2020-21 में 592 करोड़ रुपये का बजट मिला था। इसमें 258 रुपये अतिरिक्त राशि मिली थी। उन्होंने कहा कि बैठक में निजी बस संचालकों की मांगों पर भी चर्चा हुई है और कैबिनेट में कुछ राहत देने का फैसला लिया जाएगा।