एचआरटीसी कर्मचारियों की गेट मीटिंगें बेनतीजा रहीं। इनका सरकार और निगम प्रबंधन पर कोई असर नहीं पड़ा। अब एचआरटीसी संयुक्त समन्वय समिति ने 26 मई को शिमला मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन करने का फैसला लिया है। इसे सफल बनाने को 50 सदस्यीय की चार कमेटियां बनाई हैं। चेतावनी दी है कि अगर प्रदर्शन के बाद भी निगम प्रबंधन की आंखें नहीं खुली तो प्रदेश में चक्का जाम किया जाएगा।
जेसीसी की बैठक में प्रदर्शन का फैसला लिया गया। बैठक की अध्यक्षता समिति अध्यक्ष पवन गुलेरिया ने की। इंटक के ओंकार सिंह, बीएमएस के शंकर सिंह ठाकुर, राजकुमार, गुलाब सिंह धीमान, एटक के नानक चंद शांडिल, दल गंजन सिंह, डीएंडसी के रूप चंद शर्मा, तकनीकी संगठन के रोशन लाल चौहान, राजिंद्र ठाकुर, सुरेश ठाकुर, स्टोर संगठन के यशपाल सुल्तानपुरी, मेघराम, निरीक्षण संगठन के किशोरी लाल शर्मा, रत्नलाल, मिनिस्ट्रियल संगठन के राजिंद्र सिंघा, बृजलाल शर्मा, पीआर कायथ, सर्व कर्मचारी संघ के
विद्यासागर शर्मा, खेमेंद्र गुप्ता, देवी चंद, परिचालक संगठन के नील कमल, कृष्ण चंद, चंद्रमणि सोनी, चालक यूनियन के सत्यप्रकाश शर्मा, जीतराम चौधरी, हेमंत शर्मा, पीस मील संगठन के खेप चंद और विवेक गुलेरिया उपस्थित रहे। निर्णय लिया कि धरने में निगम के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी बुलाया जाएगा। कर्मचारियों में निगम प्रबंधन के खिलाफ भारी रोष है। बैठक में निगम प्रबंधन से बसों में ओवरलोडिंग रोकने को अतिरिक्त बसें चलाने की मांग भी की।