आठ स्वास्थ्य ब्लॉकों ने 500 से अधिक बच्चियों का किया टीकाकरण, समीक्षा कार्यशाला में ब्लॉकों को किया सम्मानित
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खसरा-रूबेला (एमआर) उन्मूलन की प्रगति पर हुई चर्चा अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। नेशनल हेल्थ मिशन के एचपीवी टीकाकरण अभियान में धगेरा (सिरमौर), पूह (किन्नौर), गलोड़ (हमीरपुर), शिलाई (सिरमौर), भरमौर (चंबा) और संगड़ाह (सिरमौर) ने 90 फीसदी तक टीकाकरण पूरा कर लिया है। इसके साथ ही यह ब्लॉक पहली श्रेणी में शामिल हो गए हैं।
वहीं दूसरी श्रेणी में नालागढ़ (सोलन), जारी (कुल्लू), नूरपुर (कांगड़ा), बसदेहड़ा (ऊना), राजपुर (सिरमौर), फतेहपुर (कांगड़ा), रत्ती (मंडी) और रोहांडा (मंडी) ब्लॉकों ने 500 से अधिक बच्चियों का टीकाकरण किया है। टीकाकरण अभियान में बेहतर प्रदर्शन के लिए इन सभी ब्लॉकों को सम्मानित किया गया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) की ओर से वीरवार को एचपीवी टीकाकरण और नियमित टीकाकरण पर राज्य स्तरीय समीक्षा कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में एचपीवी टीकाकरण अभियान की प्रगति की समीक्षा की गई। इसके साथ ही नियमित टीकाकरण के प्रमुख संकेतकों (केपीआई) का मूल्यांकन करने और राज्य भर में जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करने पर चर्चा हुई। इस दौरान स्वास्थ्य सचिव आशीष सिंघमार ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की।
कार्यशाला में जिला और ब्लॉक आधार पर टीकाकरण कवरेज की समीक्षा, खसरा-रूबेला (एमआर) उन्मूलन की प्रगति, यू-विन डेटा अपडेट, वीपीडी व एईएफआई निगरानी और आरबीएसके की समीक्षा शामिल रही। कार्यशाला का समापन जमीनी स्तर पर सामने आ रही परिचालन संबंधी चुनौतियों पर चर्चा के साथ हुआ। स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि प्रत्येक पात्र किशोरी को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए समय पर टीके की सुरक्षा प्रदान करने के लिए मजबूत योजना, सामुदायिक लामबंदी और कोल्ड-चेन प्रबंधन महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि राज्य भर में कैंसर की रोकथाम के लिए एचपीवी टीकाकरण अभियान का विस्तार बेहद महत्वपूर्ण है।