विवि और केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के बीच एमओयू साइन, शीतकालीन अवकाश में पूरे किए जाएंगे छात्रावासों के कार्य
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पीएम उषा के तहत मिली राशि से दुरुस्त होंगे छात्रावास
अमर उजाला ब्यूरो शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय और सीपीडब्ल्यूडी के बीच एमओयू साइन हो गया है। इस अनुबंध के तहत विवि को पीएम उषा (प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान) के तहत मिले सौ करोड़ के अनुदान में से नए निर्माण कार्य और भवनों के मरम्मत कार्य करवाए जाएंगे।
पीएम उषा के बजट को निर्माण कार्य पर खर्च करने के लिए सिंगल एजेंसी की शर्त रखी है। यह सिंगल निर्माण एजेंसी केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) ही अब सारे कार्यों को करवाएगा। इसके लिए टेंडर आवंटन की प्रक्रिया के साथ निर्माण कार्य की देखरेख और तय समय अवधि में पूरा करने की जिम्मेदारी सीपीडब्ल्यूडी की रहेगी। इससे विवि में होने वाले निर्माण कार्यों में आम तौर पर होने वाली सालों की देरी नहीं लगेगी और किस्तों में निर्माण कार्य की प्रगति के आधार पर पीएम उषा के तहत बजट लेने में विवि को मुश्किल नहीं आएगी।
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विश्वविद्यालय ने एक जनवरी से शुरू हुई छुट्टियों में ही छात्रावासों की मरम्मत और रखरखाव के बड़े कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा है। विवि के रखरखाव मंडल के अधिकारियों के साथ सीपीडब्ल्यूडी के अधिकारी छात्रावासों का दौरा कर चुके हैं, इसमें प्राथमिकता के आधार पर एक जनवरी से 18 फरवरी तक रहने वाले शीतकालीन अवकाश के कार्यों की जानकारी दे दी है। इसके अनुसार अब सीपीडब्ल्यूडी टेंडर आवंटन की प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य करवाएगा।
छात्रावास शीतकालीन अवकाश के चलते आजकल खाली हैं इससे बड़े काम निपटाने में आसानी होगी और इसमें छात्रों को भी किसी तरह की परेशानी नहीं आएगी। विवि के अधिष्ठाता योजना एवं शिक्षक मामले प्रो. जोगिंद्र सिंह धीमान ने माना कि विवि के नए निर्माण और पुराने भवनों के मरम्म्त जैसे कार्य के लिए सिंगल एजेंसी के रूप में सीपीडब्ल्यूडी के साथ समझौता ज्ञापन साइन हो गया है। अब यह विभाग छात्रावासों के मरम्मत और अन्य बड़े कार्य करवाएगा।
छात्रावासों के भवनों पर खर्च होंगे 24 करोड़
पीएम उषा मेरू के तहत विवि को मिलने वाली सौ करोड़ की ग्रांट में से परिसर और छात्रावासों के भवनों पर 24 करोड़ और नए भवनों के निर्माण पर 28 करोड़ रुपये खर्च होंगे। फिलहाल विवि ने छात्रावासों की मरम्मत और रखरखाव पर करीब 16 करोड़ खर्च करने की योजना बनाई है। इसके अलावा परिसर के प्रशासनिक, विभागों और अन्य संस्थान के भवनों की मरम्मत और रखरखाव भी किया जाना है।