कुलपति प्रो. राजिंद्र चौहान ने माना कि सीवीएसएल के साथ एचपीयू का नेशनल अकादमिक डिपॉजिटरी के साथ एग्रीमेंट हो चुका है। जल्द नोडल ऑफिसर की तैनाती कर अगली प्रक्रिया शुरू होगी।
इससे यहां से 1970 से लेकर पढ़कर गए छात्रों को आनलाइन अपनी डिग्री, डिप्लोमा, सर्टिफिकेट कोर्स के दस्तावेज उपलब्ध हो जाएंगे। एनएडी देश के सभी विश्वविद्यालयों के लिए अनिवार्य किया है।
इस दिशा में 2016 से प्रक्रिया चल रही है, मगर अभी तक यह सुविधा शुरू नहीं की जा सकी है। केंद्र स्तर पर जिस तरह इनकम टैक्स की सूचनाएं एक जगह पर स्टोर होती हैं, उसी तरह हर विवि और उससे जुड़े छात्र का अकादमिक रिकार्ड स्टोर रहता है।
केंद्र स्तर पर एनडीएमएल और सीवीएसएल को सरकारी कंपनियां रिकॉर्ड मेंटेन करेंगी। वही छात्रों को यूआईडी देंगी। यह आधार से लिंक होगा। इससे छात्र कहीं से भी डिग्री से संबंधित हर तरह की जानकारी ले सकेंगे।